तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक गर्मी, ओवरलोड, तेल की कमी और ट्रिपिंग जैसी समस्याएं ट्रांसफार्मरों के खराब होने की मुख्य वजह हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर है, जहां छोटे और मध्यम क्षमता वाले ट्रांसफार्मर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्र में ही करीब 117 ट्रांसफार्मर बदलने पड़े हैं, जिनमें विभिन्न क्षमता के ट्रांसफार्मर शामिल हैं। वहीं शहरी क्षेत्रों में भी कई ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं, जिनमें 25, 63, 100 और 400 केवीए क्षमता वाले उपकरण शामिल हैं। इससे शहर और गांव दोनों जगह बिजली संकट गहरा गया है।
मऊरानीपुर और झांसी के वितरण खंडों में सबसे ज्यादा नुकसान दर्ज किया गया है, जहां दर्जनों ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं। लगातार फॉल्ट और बिजली कटौती से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है, खासकर भीषण गर्मी के इस दौर में परेशानी और बढ़ गई है।
विद्युत विभाग का कहना है कि मरम्मत और बदलने का काम तेजी से किया जा रहा है और जल्द ही स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।
