एक इंटरव्यू में डारियो एमोदेई ने कहा कि पिछले दो वर्षों में AI की क्षमता बेहद तेजी से बढ़ी है। उनके मुताबिक, जो AI पहले एक होशियार हाई स्कूल स्टूडेंट के स्तर पर काम करता था, वह अब एक स्मार्ट कॉलेज स्टूडेंट जैसी क्षमता हासिल कर चुका है। AI अब डॉक्यूमेंट समरी, डेटा एनालिसिस, रिसर्च, ब्रेनस्टॉर्मिंग और फाइनेंशियल रिपोर्ट तैयार करने जैसे जटिल काम तेजी से सीख रहा है।
एमोदेई ने कहा कि शुरुआती दौर में AI इंसानों की मदद करेगा, लेकिन बहुत जल्द कई जगह पूरी तरह उनकी जगह लेने लगेगा। खास तौर पर एंट्री-लेवल नौकरियों पर इसका सबसे बड़ा असर देखने को मिल सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगले 1 से 5 वर्षों के भीतर नौकरी बाजार में बड़े बदलाव दिखाई दे सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि AI की रफ्तार को रोकना अब लगभग असंभव है, क्योंकि यह केवल एक कंपनी या देश तक सीमित नहीं रह गया है। अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा के कारण AI डेवलपमेंट लगातार तेज हो रहा है। एमोदेई के अनुसार, अगर अमेरिकी कंपनियां काम धीमा भी कर दें, तब भी चीन जैसी शक्तियां इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ती रहेंगी।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि समय रहते सही कदम उठाए जाएं तो इस संकट के असर को कम किया जा सकता है। इसके लिए लोगों को AI टूल्स का इस्तेमाल सिखाना जरूरी होगा, ताकि वे नई तकनीक के साथ खुद को ढाल सकें। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में AI कंपनियों पर विशेष टैक्स लगाया जा सकता है, जिससे उन लोगों की मदद की जा सके जिनकी नौकरियां AI की वजह से प्रभावित होंगी।
