चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के मानिकपुर क्षेत्र के सूअरगढ़ा गांव से दो युवक विजय और अच्छे लाल रोजगार की तलाश में आंध्र प्रदेश गए थे। दोनों युवकों को एक ठेकेदार के माध्यम से टाइल्स कंपनी में काम पर भेजा गया था।
शुरुआत में दोनों युवकों की अपने परिवार से नियमित फोन पर बातचीत होती रही, लेकिन कुछ समय बाद अचानक उनका संपर्क टूट गया। इसके बाद से पिछले करीब पांच महीनों से दोनों का कोई पता नहीं चल सका है।
परिजनों के अनुसार, अचानक मोबाइल बंद होने के बाद उन्होंने ठेकेदार से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसे कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। इससे परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती गई।
विजय के पिता छोटे ने बताया कि शुरुआत में बातचीत ठीक चल रही थी, लेकिन बाद में फोन बंद हो गया और कोई जानकारी नहीं मिल रही है। वहीं अच्छे लाल की मां ने भी कहा कि दोनों युवक साथ गए थे और एक साथ ही संपर्क टूट गया, लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
परिजन लगातार थाने और अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं और दोनों युवकों की तलाश की मांग कर रहे हैं। परिवारों का कहना है कि आर्थिक मजबूरी के कारण बच्चे दूसरे राज्य में काम करने गए थे, लेकिन अब उनकी स्थिति को लेकर गहरी अनिश्चितता बनी हुई है।
फिलहाल दोनों परिवार अपने बेटों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं और प्रशासन से मामले में गंभीरता से जांच की मांग कर रहे हैं।
