आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कई किलोमीटर दूर से धुआं और आग दिखाई दे रही थी। इस हादसे में मशीन ऑपरेटर दिलावर सिंह परिहार आग में फंस गए और उनकी मौके पर ही जलकर मौत हो गई, जबकि एक अन्य कर्मचारी मुन्नू केवट गंभीर रूप से झुलस गया।
सूचना मिलते ही पुलिस और नगर निगम की दमकल टीम मौके पर पहुंची और करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान घायल कर्मचारी को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया।
हादसे के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने सतना-अमरपाटन हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया और मुआवजे की मांग की। कई घंटों तक सड़क पर आवागमन ठप रहा।
प्रशासन और प्लांट मालिक की ओर से बातचीत के बाद 15 लाख रुपये मुआवजा और अंतिम संस्कार के लिए 25 हजार रुपये की सहायता देने के आश्वासन पर रात करीब 3:30 बजे जाम हटाया गया।
फैक्ट्री में धान की भूसी से राइस ब्रान ऑयल बनाने का काम होता था और शुरुआती जांच में आग लगने के कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
