नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के बांदा में इंडियन बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान यानी आरसेटी में संचालित 13 दिवसीय कृषि उद्यमी प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षण पूरा करने वाले मंडल के 24 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को कृषि क्षेत्र से जुड़े स्वरोजगार और उद्यम के अवसरों की जानकारी देना तथा उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक जानकारी और कौशल से परिचित कराना रहा।
समापन समारोह में उप कृषि निदेशक बांदा अभय यादव, जिला कृषि अधिकारी संदीप कुमार, डीडीएम नाबार्ड बांदा और एलडीएम बांदा संगम लाल मिश्र सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लाभार्थियों से कृषि क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने अपने-अपने विभागों की ओर से संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और कृषि तथा स्वरोजगार से संबंधित सुविधाओं की जानकारी भी प्रतिभागियों को दी।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि कृषि क्षेत्र में पारंपरिक खेती के साथ-साथ कई ऐसे व्यवसायिक अवसर मौजूद हैं, जिनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के युवा और अन्य इच्छुक लोग अपनी आय के स्रोत विकसित कर सकते हैं। प्रशिक्षण के जरिए लाभार्थियों को कृषि आधारित उद्यमों की संभावनाओं को समझने और उन्हें व्यावहारिक रूप से अपनाने की दिशा में जानकारी दी गई। विभागीय योजनाओं की जानकारी मिलने से प्रशिक्षुओं को सरकारी सहायता और उपलब्ध संसाधनों के बारे में भी जानकारी हासिल हुई।
आरसेटी संस्थान के निदेशक पंकज कुमार ने बताया कि कृषि उद्यमी प्रशिक्षण कार्यक्रम छह अगस्त 2026 से 19 अगस्त 2026 तक संचालित किया गया। 13 दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में मंडल के कुल 24 लाभार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को स्वरोजगार के लिए तैयार करना और कृषि क्षेत्र में उद्यम स्थापित करने की दिशा में आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
समापन समारोह में प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले लाभार्थियों में भी उत्साह नजर आया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अब प्रतिभागी कृषि से संबंधित गतिविधियों को रोजगार और व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी कर सकते हैं। प्रशिक्षण संस्थान की ओर से ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं और अन्य इच्छुक लोगों को रोजगार की तलाश के बजाय स्वयं का काम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
आरसेटी की ओर से आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी भी दी गई। वरिष्ठ संकाय सदस्य दीपक शुक्ला ने बताया कि 20 अगस्त 2026 से 30 दिवसीय हाउस वायरिंग प्रशिक्षण का नया बैच शुरू किया जा रहा है। इसके साथ ही 12 दिवसीय डेयरी फार्मिंग एवं वर्मी कम्पोस्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में स्वरोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
आरसेटी के इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को व्यावसायिक कौशल सीखने और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर रोजगार के विकल्प तलाशने का अवसर मिल रहा है। कृषि उद्यमी प्रशिक्षण का समापन इसी दिशा में एक पहल है। 24 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र मिलने के बाद अब उनसे उम्मीद है कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी का उपयोग कर वे कृषि आधारित गतिविधियों को आय के साधन के रूप में विकसित करेंगे।
