नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में किसानों को कृषि यंत्रों का लाभ उपलब्ध कराने के लिए ई-लॉटरी प्रक्रिया आयोजित की गई। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी डीपी पाल की अध्यक्षता में गुरुवार को विकास भवन सभागार में यह प्रक्रिया पूरी की गई। कृषि मशीनीकरण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के तहत ऑनलाइन बुकिंग करने वाले किसानों को ई-लॉटरी के माध्यम से चयनित किया गया। पूरी प्रक्रिया के बाद कुल 53 किसानों का चयन विभिन्न कृषि यंत्रों और कृषि मशीनरी से संबंधित योजनाओं के लिए किया गया।
यह ई-लॉटरी सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन तथा फसल अवशेषों के इन-सीटू प्रबंधन के लिए कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा देने से संबंधित योजनाओं के अंतर्गत कराई गई। इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों तक आधुनिक कृषि उपकरणों की पहुंच बढ़ाना और खेती में मशीनों के उपयोग को प्रोत्साहित करना है। कृषि कार्यों में मशीनों के इस्तेमाल से समय और श्रम की बचत के साथ खेती की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।
कृषि विभाग की ओर से किसानों को अलग-अलग प्रकार के कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था की गई थी। ऑनलाइन आवेदन करने वाले पात्र किसानों में चयन की प्रक्रिया ई-लॉटरी के जरिए पूरी की गई। इस व्यवस्था से चयन प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से पूरा करने का प्रयास किया गया। विकास भवन सभागार में अधिकारियों और संबंधित चयन समिति की मौजूदगी में ई-लॉटरी की प्रक्रिया संपन्न हुई।
ई-लॉटरी में कस्टम हायरिंग सेंटर और फार्म मशीनरी बैंक से जुड़े लाभ के अलावा कई कृषि यंत्रों के लिए किसानों का चयन किया गया। इनमें रोटावेटर, कल्टीवेटर, रीपर कंबाइंडर और मल्टीक्रॉप थ्रेसर जैसे कृषि उपकरण शामिल रहे। इन मशीनों का उपयोग खेती के अलग-अलग चरणों में किया जाता है। आधुनिक कृषि उपकरणों की उपलब्धता से किसानों को जुताई, फसल कटाई और मड़ाई जैसे कार्यों में सुविधा मिल सकती है।
कस्टम हायरिंग सेंटर और फार्म मशीनरी बैंक की अवधारणा के माध्यम से कृषि उपकरणों की उपलब्धता को बढ़ाने का प्रयास किया जाता है, ताकि किसान आवश्यकता के अनुसार आधुनिक मशीनरी का उपयोग कर सकें। खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए कृषि मशीनों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रत्येक किसान के लिए महंगे कृषि उपकरणों की व्यक्तिगत खरीद हमेशा आसान नहीं होती। ऐसे में सामूहिक या किराये के आधार पर मशीनरी उपलब्ध होने से खेती की लागत और श्रम संबंधी चुनौतियों को कम करने में सहायता मिल सकती है।
ई-लॉटरी प्रक्रिया की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी डीपी पाल ने की। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित इस प्रक्रिया में संबंधित अधिकारियों और चयन समिति के सदस्यों ने भाग लिया। ऑनलाइन बुकिंग के बाद चयन प्रक्रिया पूरी होने से लाभार्थी किसानों के बीच निर्धारित प्रक्रिया के तहत चयन किया गया।
ई-लॉटरी के समापन के बाद उप कृषि निदेशक जीतलाल गुप्ता ने चयन समिति और किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रक्रिया में सहयोग देने वाले सभी संबंधित लोगों का धन्यवाद किया। कृषि विभाग की ओर से आधुनिक कृषि यंत्रों को किसानों तक पहुंचाने की यह पहल खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। 53 किसानों के चयन के बाद अब संबंधित कृषि यंत्रों का लाभ निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपलब्ध कराया जाएगा।
