नई दिल्ली ।उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ की गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई जमीन पर कथित अवैध कब्जे और प्लाटिंग का मामला सामने आया है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद इस मामले में तीन बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित जमीन को पहले ही कुर्क किया जा चुका था और उसकी निगरानी की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर तय थी।
मामला एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के शाहा उर्फ पीपल गांव से जुड़ा है। दर्ज एफआईआर के मुताबिक, आराजी संख्या 1115 की करीब 0.4680 हेक्टेयर जमीन गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई थी। इस जमीन को सरकारी अभिरक्षा में रखा गया था और संबंधित थाना प्रभारी को इसका कस्टोडियन बनाया गया था।
आरोप है कि मोहम्मद मुस्लिम, मोहम्मद नसरत और मोहम्मद आफताब अहमद ने इस जमीन पर कब्जा कर वहां अवैध तरीके से प्लाटिंग शुरू कर दी। आरोप यह भी है कि जमीन को प्लॉट के रूप में विकसित कर उसे बेचने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। तीनों को अतीक अहमद के कथित फाइनेंसर के तौर पर भी बताया गया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
प्रशासन को जब जमीन पर कथित कब्जे और प्लाटिंग की जानकारी मिली तो अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। 22 अगस्त को एसडीएम सदर की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई की गई और जमीन पर की गई कथित अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया गया। इसके बाद मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
सोमवार को लेखपाल मनीष कुमार की ओर से तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। अब जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कुर्क जमीन पर कब्जा किस तरह किया गया और वहां प्लाटिंग की गतिविधियां कब से चल रही थीं।
इस घटना ने कुर्क संपत्तियों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। जब जमीन गैंगस्टर एक्ट के तहत पहले से कुर्क थी और उसकी देखरेख के लिए जिम्मेदारी निर्धारित थी, तब कथित तौर पर वहां निर्माण और प्लाटिंग की गतिविधियां कैसे शुरू हुईं, यह जांच का अहम हिस्सा रहेगा। प्रशासन यह भी देखेगा कि जमीन से जुड़े दस्तावेजों और बिक्री की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही।
मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में यदि किसी अन्य व्यक्ति या अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन का ध्यान जमीन की स्थिति, कथित कब्जे और प्लाटिंग से जुड़े रिकॉर्ड की जांच पर है।
अतीक अहमद और अशरफ की हत्या 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में उस समय हुई थी, जब दोनों को चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था। दोनों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे और उनकी कई संपत्तियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। ऐसे में कुर्क जमीन पर कथित कब्जे का यह मामला प्रशासनिक निगरानी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कुर्क संपत्ति पर कब्जा और प्लाटिंग किस अवधि में हुई, इसमें किन लोगों की भूमिका रही और जमीन से संबंधित गतिविधियों को रोकने में प्रशासनिक स्तर पर कोई चूक हुई या नहीं। फिलहाल तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
