सागर। सागर शहर के तिली क्षेत्र में रविवार को हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस उस समय हैरान रह गई, जब तलाशी के दौरान एक अलमारी से नकदी से भरे चार बैग बरामद हुए। बैगों में 500 रुपये के नोटों की गड्डियां भरी थीं। पुलिस के अनुसार, बरामद नकदी की रकम 3 करोड़ रुपये से अधिक है। देर रात तक इलेक्ट्रॉनिक मशीन से नोटों की गिनती की जाती रही।
मामला गोपालगंज थाना क्षेत्र का है। पुलिस को शिकायत मिली थी कि स्थानीय निवासी सौरभ अहिरवार ने सोशल मीडिया पर पिस्टल के साथ तस्वीर पोस्ट की है। इसके बाद घर में अवैध हथियार होने की आशंका पर पुलिस की विशेष टीम ने तिली स्थित उसके मकान पर तलाशी की।
बंद अलमारी खोलते ही मिले नकदी से भरे बैग
पुलिस के मुताबिक, तलाशी के दौरान कमरे में रखी एक बंद अलमारी को पंचनामा तैयार कर खुलवाया गया। अलमारी के भीतर चार भारी बैग रखे मिले। जब बैग खोले गए तो उनमें 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां देखकर पुलिस अधिकारी भी चौंक गए।
मामले की सूचना मिलते ही एसपी अनुराग सुजानिया और एएसपी नरेंद्र सोलंकी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। बरामद रकम इतनी अधिक थी कि नोटों की गिनती के लिए इलेक्ट्रॉनिक करेंसी काउंटर मशीन मंगानी पड़ी।
देर रात तक होती रही नोटों की गिनती
पुलिस के अनुसार, नोटों की गिनती दोपहर बाद शुरू हुई और रात करीब 12 बजे तक चलती रही। शुरुआती गिनती में अकेले एक बैग से करीब 1.33 करोड़ रुपये मिलने की बात सामने आई है। चारों बैगों की कुल रकम 3 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
पूरी कार्रवाई में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पुलिस ने नोटों की बरामदगी और गिनती की वीडियोग्राफी भी कराई।
रिश्तेदार के पैसे होने का दावा
पूछताछ में परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि बरामद रकम भोपाल निवासी उनके रिश्तेदार रमेश अहिरवार की है। परिजनों का दावा है कि करीब आठ महीने पहले रमेश ने यह रकम अमानत के तौर पर यहां रखी थी।
हालांकि पुलिस इस दावे की पुष्टि के लिए दस्तावेज और रकम के स्रोत की जांच कर रही है। पुलिस को आशंका है कि मामले में हवाला कारोबार या बेनामी और अघोषित संपत्ति का कोण भी हो सकता है।
40 लाख के प्लॉट की भी जानकारी जुटा रही पुलिस
स्थानीय स्तर पर यह भी जानकारी सामने आई है कि परिवार के रहन-सहन में हाल के दिनों में अचानक बदलाव आया था। पुलिस को सौरभ द्वारा हाल में करीब 40 लाख रुपये का प्लॉट खरीदे जाने की जानकारी भी मिली है। अब पुलिस इस संपत्ति की खरीद और बरामद नकदी के बीच किसी संबंध की भी जांच कर रही है।
मामले की सूचना आयकर और राजस्व विभाग को दे दी गई है। पुलिस और संबंधित विभाग अब बरामद रकम के वैध स्रोत, उसके मालिकाना हक और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। हथियार की तलाश में शुरू हुई कार्रवाई अब करोड़ों रुपये की नकदी के स्रोत की जांच तक पहुंच गई है।
