अभ्युदय 2026 को इस बार केवल नए सत्र के स्वागत कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा गया है बल्कि इसे विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों के बीच संवाद का बड़ा मंच बनाया गया है। विश्वविद्यालय के मीडिया हेड डॉ. पवित्र श्रीवास्तव के अनुसार आयोजन की सबसे खास बात यह रहेगी कि एमसीयू के करीब 35 वर्षों के इतिहास में पढ़कर निकले लगभग 50 पूर्व विद्यार्थी पहली बार एक साथ सत्रारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे। अलग अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बना चुके ये पूर्व छात्र नए विद्यार्थियों से सीधे संवाद करेंगे और उन्हें पढ़ाई के साथ करियर की दिशा समझने में मदद करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व विद्यार्थियों के लिए दस अलग अलग संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में पूर्व छात्र अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव संघर्ष और सफलता की कहानियां साझा करेंगे। साथ ही मीडिया और संचार के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच रोजगार और करियर की नई संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। इससे नए विद्यार्थियों को यह समझने का मौका मिलेगा कि विश्वविद्यालय में हासिल की गई शिक्षा को व्यावहारिक दुनिया में किस तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।
अभ्युदय 2026 की एक और खासियत इसका अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव है। इस बार एमसीयू के पूर्व विद्यार्थी अमेरिका ब्रिटेन कनाडा ऑस्ट्रेलिया दुबई सिंगापुर और दक्षिण अफ्रीका सहित सात देशों से कार्यक्रम से जुड़ेंगे। विदेशों में अपनी पेशेवर पहचान बनाने वाले ये पूर्व छात्र भी नए विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे। इनमें प्रिंट मीडिया टेलीविजन डिजिटल मीडिया मीडिया मैनेजमेंट विज्ञापन जनसंपर्क प्रशासन और राजनीति जैसे अलग अलग क्षेत्रों में काम कर रहे पूर्व विद्यार्थी शामिल हैं।
पहले दिन पीयूष मिश्रा की मौजूदगी भी विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण रहेगी। अभिनेता के साथ साथ लेखक गीतकार और गायक के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने वाले पीयूष मिश्रा युवाओं के बीच अपने अनुभव साझा करेंगे। उनका रचनात्मक सफर और रंगमंच से लेकर सिनेमा तक का अनुभव विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक हो सकता है। उनके संवाद के जरिए विद्यार्थियों को रचनात्मक क्षेत्रों में करियर की चुनौतियों और संभावनाओं को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
तीन दिनों तक चलने वाले अभ्युदय 2026 का समापन 20 अगस्त को होगा। समापन समारोह के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद रजनीश होंगे। खास बात यह है कि वह भी एमसीयू के पूर्व विद्यार्थी रहे हैं। ऐसे में आयोजन का समापन भी विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों और वर्तमान विद्यार्थियों के बीच जुड़ाव की भावना को मजबूत करने वाला होगा।
कुल मिलाकर अभ्युदय 2026 नए विद्यार्थियों के लिए केवल सत्रारंभ कार्यक्रम नहीं बल्कि अनुभवों से सीखने और करियर की नई दिशाओं को समझने का अवसर बनने जा रहा है। वरिष्ठ कलाकारों से संवाद और देश विदेश में सक्रिय पूर्व छात्रों की मौजूदगी के जरिए विश्वविद्यालय इस आयोजन को अपने 35 वर्षों के सफर और भविष्य की संभावनाओं से जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
