जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान भोजा अहिरवार पुत्र सुमेरा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से तमौरा गांव के रहने वाले थे। पिछले लगभग पांच वर्षों से वे अपनी बहन और जीजा होरीलाल अहिरवार के साथ बरायें गांव में रह रहे थे। बताया गया कि भोजा अहिरवार रविवार को अचानक घर से निकल गए थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे।
अगले दिन सोमवार शाम के समय ग्रामीणों ने बरायें–बबेड़ी मौजा क्षेत्र के काली मिट्टी वाले खेतों में उनका शव पड़ा देखा। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई और परिजन भी पहुंच गए। इसके बाद शव को घर ले जाया गया और अंतिम संस्कार कर दिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन दिनों महोबा जिले में तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा है और तेज लू चल रही है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित है। ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है।
इधर, स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, इस तरह की भीषण गर्मी में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और बेहोशी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, जो बुजुर्गों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती हैं।
प्रशासन ने भी नागरिकों से अपील की है कि जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें, पर्याप्त पानी पीएं और धूप से बचाव करें। फिलहाल पुलिस ने मामले में सामान्य मृत्यु मानते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारण की पुष्टि हो सकेगी।इलाके में इस घटना के बाद शोक का माहौल है और लोग लगातार बढ़ती गर्मी को लेकर चिंता जता रहे हैं
