यह दिल दहला देने वाली घटना 24 अप्रैल को सगोरिया गांव में हुई थी। जानकारी के मुताबिक मृतक रमेश जाटव (40) पेशे से मकान निर्माण का ठेका लेने का काम करते थे। परिवार में उनके दो बेटे और एक बेटी हैं। घटना वाले दिन शाम करीब 6 बजे रमेश अपने छोटे बेटे विवेक के साथ उमरी गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने जाने की तैयारी कर रहे थे।
घर से निकलने से पहले रमेश ने अपने बड़े बेटे विकास जाटव से बाइक की चाबी मांगी और उसे घर पर रुकने के लिए कहा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। छोटे बेटे विवेक ने पुलिस को बताया कि विकास ने चाबी देने से इनकार करते हुए कहा कि उसने एक दिन पहले ही बाइक में पेट्रोल भरवाया है और पहले वह पेट्रोल निकाल लेगा, उसके बाद ही चाबी देगा।
पिता रमेश ने बेटे की बात मानते हुए उससे कहा कि वह पेट्रोल निकाल ले और चाबी दे दे। इसके बाद विकास घर के अंदर गया, लेकिन चाबी लेकर लौटने के बजाय वह गैंती लेकर बाहर आया। आरोप है कि उसने अचानक अपने पिता के सिर पर गैंती से जोरदार हमला कर दिया। वार इतना गंभीर था कि रमेश मौके पर ही गिर पड़े और लहूलुहान हो गए।
घटना के तुरंत बाद आरोपी बेटा मौके से फरार हो गया। परिजन गंभीर हालत में रमेश को लेकर म्याना अस्पताल के लिए निकले। रास्ते में उन्हें डायल-112 वाहन मिला, जिसके पुलिसकर्मियों की सलाह पर एंबुलेंस के जरिए रमेश को सीधे गुना जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां इलाज के दौरान रात करीब 3 बजे उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने मामले में हत्या का प्रकरण दर्ज कर उसी दिन आरोपी विकास जाटव को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष की ओर से जमानत की मांग की गई, लेकिन कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।
घटना के बाद गांव और परिवार में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग भी इस बात से स्तब्ध हैं कि मामूली विवाद ने पिता-पुत्र के रिश्ते को खून से रंग दिया।
