सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि राहुल गांधी पहले ही संसद में चेतावनी दे चुके थे कि देश की अर्थव्यवस्था को सिर्फ उपभोक्ता आधारित मॉडल पर चलाना खतरनाक होगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने पिछले साल ही कहा था कि भारत को उत्पादन आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ना चाहिए, लेकिन सरकार ने उस समय उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया।
इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि आज देश जिस आर्थिक दबाव और महंगाई की स्थिति का सामना कर रहा है, वह सरकार की नीतियों और कमजोर कूटनीति का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में महंगाई और बढ़ सकती है और देश के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
कांग्रेस सांसद ने केंद्र सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में विशेषज्ञों और विपक्ष की राय लेना जरूरी है ताकि देश को संभावित संकट से बाहर निकाला जा सके।
विदेश नीति को लेकर भी इमरान मसूद ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान लंबे समय तक गुटनिरपेक्ष नीति के कारण बनी रही, लेकिन अब विदेश नीति में संतुलन कमजोर पड़ता दिख रहा है। उन्होंने ईरान और भारत के ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सदियों पुराना रिश्ता रहा है।
इमरान मसूद ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को ईरान के सर्वोच्च नेता के निधन पर तुरंत संवेदना जतानी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस मामले में प्रतिक्रिया देने में काफी देर कर दी।
कांग्रेस सांसद के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच आर्थिक नीति और विदेश नीति को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।
