लोकार्पण कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि गुजरात ने हमेशा देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और अब यही राज्य तकनीकी क्रांति का नेतृत्व भी करेगा। ‘मिलियन माइंड्स टेक पार्क’ को उन्होंने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई एक ऐसी परियोजना बताया, जो हजारों युवाओं को उच्च कौशल आधारित रोजगार उपलब्ध कराएगी। इस टेक पार्क में आधुनिक तकनीकी कंपनियों, अनुसंधान केंद्रों और स्टार्टअप्स के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा, जिससे नवाचार और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
इसके साथ ही ‘गणेश रियल एस्टेट मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट’ को शहरी विकास और आधुनिक रियल एस्टेट प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल बताया गया। यह संस्थान आधुनिक शहरी नियोजन, तकनीक आधारित शिक्षा और वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देकर कुशल मानव संसाधन तैयार करेगा। इससे न केवल रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और पेशेवरता बढ़ेगी, बल्कि शहरी विकास योजनाओं को भी नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि अहमदाबाद-गिफ्ट सिटी-गांधीनगर कॉरिडोर में विकसित हो रही यह टेक सिटी हजारों करोड़ रुपये के निवेश और लाखों रोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता रखती है। इस परियोजना के तहत ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस, आवासीय सुविधाएं और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है, जो भारत को वैश्विक टेक्नोलॉजी और वित्तीय सेवाओं के नक्शे पर और मजबूत स्थिति में लाएगा।
अमित शाह ने यह भी कहा कि गुजरात पहले से ही मैन्युफैक्चरिंग, पोर्ट डेवलपमेंट, ग्रीन एनर्जी और फार्मा सेक्टर में अग्रणी रहा है, और अब यह राज्य आईटी और नॉलेज-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में गुजरात देश का प्रमुख टेक्नोलॉजी और सर्विस सेक्टर हब बनकर उभरेगा।
कार्यक्रम में यह भी उल्लेख किया गया कि राज्य में विकसित हो रही सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम और गिफ्ट सिटी जैसे प्रोजेक्ट्स भारत को वैश्विक निवेश का आकर्षण केंद्र बना रहे हैं। इस दौरान यह संदेश भी सामने आया कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में गुजरात की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी और यह राज्य देश की विकास यात्रा का प्रमुख इंजन साबित होगा।
