चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से गर्व की खबर सामने आई है। कर्वी क्षेत्र के कामदगिरि नगर निवासी राहुल तिवारी का भारतीय सेना में धर्मगुरु (जूनियर कमीशंड ऑफिसर) पद पर चयन हुआ है। इस उपलब्धि के बाद पूरे इलाके में खुशी का माहौल है और लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है।
राहुल तिवारी, भरत तिवारी के पुत्र हैं। उनके चयन की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों, गुरुजनों और स्थानीय लोगों ने मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि राहुल ने अपनी मेहनत और लगन से पूरे चित्रकूट का नाम रोशन किया है।
राहुल की शुरुआती शिक्षा श्री राम संस्कृत महाविद्यालय से हुई। उन्होंने 10वीं, 12वीं और पूर्व मध्यमा तक की पढ़ाई संस्कृत विषय के साथ पूरी की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से अध्ययन किया और धर्म, शास्त्र एवं आध्यात्मिक विषयों में गहरी पकड़ बनाई।
संस्कृत भाषा पर मजबूत पकड़, धार्मिक ग्रंथों का गहन अध्ययन और आध्यात्मिक ज्ञान की वजह से राहुल तिवारी का चयन भारतीय सेना के प्रतिष्ठित धर्मगुरु पद के लिए हुआ। सेना में धर्मगुरु का कार्य केवल पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान कराना नहीं होता, बल्कि सैनिकों का मनोबल बढ़ाना, उन्हें मानसिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाए रखना भी होता है।
राहुल तिवारी ने अपनी सफलता का श्रेय भगवान कामतानाथ, माता-पिता और गुरुजनों को दिया। उन्होंने कहा कि अनुशासन, निरंतर मेहनत और गुरुजनों के आशीर्वाद से ही यह मुकाम हासिल हो पाया है।
राहुल की इस उपलब्धि से पूरे चित्रकूट जिले में गर्व और खुशी का माहौल है। लोग उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।
