जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह करीब 11 बजे एक महिला अपने ससुर के साथ ऑटो में बैठकर कहीं जा रही थी। जब वह रामबाग चौराहे पर ऑटो से उतरी तो जल्दबाजी में उसका बैग नीचे गिर गया। बैग में 500-500 रुपये की करीब छह गड्डियां रखी थीं। उसी दौरान चौराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहीं महिला कांस्टेबल नेहा की नजर बैग पर पड़ी। उन्होंने तुरंत बैग उठाया और जांच की तो उसमें बड़ी रकम देखकर भी उनका ईमान नहीं डिगा।
महिला तब तक करीब 50 मीटर दूर निकल चुकी थी। कांस्टेबल नेहा ने उसे आवाज लगाई, लेकिन जब महिला ने नहीं सुना तो वह खुद उसके पीछे गईं और बताया कि उसका बैग गिर गया है। अचानक बैग मिलने की बात सुनकर महिला घबरा गई। जब उससे बैग के अंदर रखी चीजों के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि उसमें नकदी रखी है। पूरी तस्दीक के बाद महिला कांस्टेबल ने बैग सही सलामत उसे वापस लौटा दिया।
अपना खोया हुआ बैग वापस पाकर महिला और उसके ससुर की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने महिला कांस्टेबल का धन्यवाद किया और उनकी ईमानदारी की सराहना की। बताया जा रहा है कि दोनों शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे।
महिला कांस्टेबल नेहा ने बताया कि उन्होंने बैग गिरते हुए खुद देखा था, इसलिए उन्हें तुरंत अंदाजा हो गया कि बैग उसी महिला का है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान लोगों की मदद करना और उनकी सुरक्षा करना उनकी जिम्मेदारी है।
इस घटना के बाद पुलिस विभाग में भी महिला कांस्टेबल नेहा की खूब प्रशंसा हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें “ईमानदारी की मिसाल” बता रहे हैं। ऐसे समय में जब अक्सर पैसों के लिए लोग रिश्ते तक भूल जाते हैं, आगरा की इस महिला पुलिसकर्मी ने साबित कर दिया कि ईमानदारी आज भी जिंदा है।
