जालौन जिले के कुठौंद थाना क्षेत्र के ग्राम एकों में बुधवार शाम उस समय सनसनी फैल गई जब एक युवक ने अपने परिजनों के साथ मिलकर घर में घुसकर दो लोगों पर चाकू और धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें परिजनों और ग्रामीणों की मदद से तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद गांव में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार ग्राम एकों निवासी चंद्रजीत सिंह उम्र लगभग 55 वर्ष और राजेंद्र उम्र लगभग 45 वर्ष बुधवार शाम अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान गांव का ही निवासी ऋषि यादव अपनी मां सुषमा देवी के साथ उनके घर पहुंच गया। आरोप है कि दोनों ने अचानक घर में घुसकर चाकू और अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमलावरों ने दोनों पर कई वार किए जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।
घटना के समय घर में मौजूद परिजन और आसपास के लोगों ने जब शोरगुल सुना तो मौके पर पहुंचे। घायल अवस्था में दोनों को देखकर ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषि यादव को मौके से पकड़कर हिरासत में ले लिया और उसे थाने ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी। वहीं गंभीर रूप से घायल चंद्रजीत सिंह और राजेंद्र को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज जारी है।
ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी युवक का व्यवहार पहले से ही विवादित रहा है। उसके खिलाफ पहले भी कई मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। गांव के लोगों के मुताबिक वह अक्सर किसी न किसी बात को लेकर विवाद और मारपीट करता रहता है जिससे गांव में लोग उसके नाम से ही भयभीत रहते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले की घटनाओं में सख्त कार्रवाई नहीं होने के कारण उसके हौसले बढ़ गए हैं और वह लगातार इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहा है।
थाना प्रभारी अजय कुमार पाठक ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया था। मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि घायलों के परिजनों से तहरीर मिलने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है।
गांव के लोगों ने यह भी बताया कि इस घटना से करीब दस दिन पहले भी गांव में एक महिला पर जानलेवा हमला किया गया था। 26 तारीख को मंजू देवी पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था जिसमें उनके हाथ और शरीर में गंभीर चोटें आई थीं। उस समय उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि उस मामले में अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है जिससे गांव में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि त्योहारों के दौरान पुलिस गश्त पर्याप्त नहीं हो रही है जिससे असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ रहे हैं। एक सप्ताह के भीतर दो गंभीर घटनाएं होने से गांव के लोग दहशत में हैं और प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं जिससे गांव की शांति और कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
