झाँसी। समाजसेवा और जनहित के कार्यों के लिए चर्चित संघर्ष सेवा समिति के संस्थापक डॉ. संदीप सरावगी ने एक कारोबारी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने रेलवे ठेकों, निर्माण कार्यों और व्यापारिक साझेदारी के नाम पर विश्वास हासिल कर लगभग 62 लाख रुपये हड़प लिए और रकम वापस मांगने पर जान से मारने तथा झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी।
शिकायत के अनुसार आरोपी ने स्वयं को रेलवे ठेकेदार और बड़े कारोबारों से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए डॉ. सरावगी का विश्वास जीता। बाद में विभिन्न परियोजनाओं में साझेदारी और लाभ का लालच देकर कई किश्तों में बड़ी धनराशि प्राप्त कर ली। आरोप है कि जब रकम वापस मांगी गई तो आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा और बाद में धमकियों का सहारा लेने लगा।
मामले को और गंभीर बनाते हुए डॉ. सरावगी ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार एक मामले में आवासीय संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के नाम पर लाखों रुपये लेने, बाद में न तो रजिस्ट्री करने और न ही रकम लौटाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। वहीं एक अन्य मामले में व्यापारिक साझेदारी, निर्माण सामग्री सप्लाई और निवेश के नाम पर लगभग 95.39 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल तथा धमकी देने के आरोपों में थाना प्रेमनगर में विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई। डॉ संदीप का दावा है कि इन मामलों की जानकारी मिलने के बाद उसे विश्वास हो गया कि उसके साथ भी सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई है।
डॉ. संदीप सरावगी का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो अन्य लोग भी ऐसे कथित जालसाजी के शिकार हो सकते हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
