जानकारी के अनुसार, महाकाल थाना क्षेत्र में एक ऑटो और टू-व्हीलर के बीच जोरदार टक्कर हो गई थी, जिसमें दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने घायलों को निजी वाहन की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया। हालांकि, दोनों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें रेफर करने की तैयारी की जा रही थी।
इसी दौरान 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची, जिससे नाराजगी बढ़ गई। देखते ही देखते करीब 60 से 80 लोगों की भीड़ अस्पताल परिसर में जमा हो गई और हंगामा शुरू हो गया।
आरोप है कि गुस्साई भीड़ ने अस्पताल के इमरजेंसी गेट नंबर-2 के कांच तोड़ दिए और शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों के साथ अभद्रता की भी बात सामने आई है।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद हालात काबू में आए।
अस्पताल प्रबंधन और सीएमएचओ की ओर से इस मामले में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह घटना एक बार फिर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
