हर्ष छाया के अनुसार, रिश्ते के खत्म होने का फैसला आसान नहीं था, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनती गईं कि दोनों को अलग रास्ते चुनने पड़े। उन्होंने कहा कि समाज में तलाक को लेकर कई तरह की धारणाएं बनी हुई हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि हर रिश्ता अलग परिस्थितियों और अनुभवों से गुजरता है। जब दो लोगों के बीच तालमेल खत्म हो जाता है, तो अलग होना भी एक स्वाभाविक निर्णय बन सकता है।
अभिनेता ने यह भी स्वीकार किया कि तलाक के बाद उनके जीवन में भावनात्मक उतार-चढ़ाव का दौर आया। कभी उन्हें गहरा दुख महसूस हुआ, तो कभी गुस्सा और पछतावा भी सामने आया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में भावनाओं को दबाने के बजाय उन्हें स्वीकार करना जरूरी होता है, क्योंकि इससे व्यक्ति धीरे-धीरे खुद को समझने और संभालने की दिशा में आगे बढ़ता है।
इस कठिन दौर में उन्होंने खुद को व्यस्त रखने और नए लोगों से मिलने का रास्ता अपनाया। हर्ष छाया ने बताया कि उन्होंने डेटिंग को भी एक सामान्य प्रक्रिया की तरह लिया, जिससे उन्हें अपने जीवन में आगे बढ़ने और नए अनुभव हासिल करने का मौका मिला। उनके अनुसार, लोगों से बातचीत और सामाजिक जुड़ाव कठिन समय में मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात उनका काम रहा, जिसने उन्हें स्थिर रहने और आगे बढ़ने की ताकत दी। अभिनय और अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करके उन्होंने निजी जीवन की परेशानियों को खुद पर हावी नहीं होने दिया। उनका मानना है कि जीवन में मुश्किल समय आता है, लेकिन उसे कैसे संभाला जाए, यह व्यक्ति की सोच और दृष्टिकोण पर निर्भर करता है।
हर्ष छाया और शेफाली शाह की मुलाकात एक टेलीविजन प्रोजेक्ट के दौरान हुई थी, जहां दोनों के बीच दोस्ती की शुरुआत हुई और धीरे-धीरे यह रिश्ता शादी तक पहुंचा। हालांकि समय के साथ परिस्थितियां बदलीं और दोनों ने अलग होने का फैसला किया। अलगाव के बाद दोनों ने अपने-अपने जीवन में आगे बढ़ने का रास्ता चुना और आज दोनों अपने-अपने करियर और निजी जीवन में सक्रिय हैं।
