मामला 21 वर्षीय शशि चौधरी से जुड़ा है, जिसकी शादी करीब एक साल पहले बहेलिया भाट निवासी राजेश चौधरी से हुई थी। परिजनों के अनुसार, शादी के बाद से ही महिला को दहेज की मांग को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
30 अप्रैल को शशि ने अपने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान हेडक्वार्टर डीएसपी मनोज दीक्षित ने सभी पक्षों के बयान दर्ज किए, जिसमें गंभीर खुलासे सामने आए।
जांच में पाया गया कि पति राजेश चौधरी, सास आशा साकेत और ननद संध्या साकेत द्वारा दहेज में एक लाख रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल की मांग की जा रही थी। मांग पूरी न होने पर महिला को लगातार प्रताड़ित किया जाता था, जिससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर दहेज प्रथा और महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
