इस्लामाबाद। पाकिस्तान और भारत के बीच पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद तनाव बढ़ने की घटनाओं के बीच एक बार फिर पाकिस्तानी सेना का दावा चर्चा में आ गया है। पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई को “ऑपरेशन बुनियान उल मरसूस” नाम दिया था, जिसके तहत भारतीय क्षेत्रों और सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की कोशिश की गई थी, हालांकि भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को विफल कर दिया था।
पाकिस्तान की ओर से 10 मई 2025 को ‘फतह-1’ रॉकेट दागने का भी दावा किया गया था, जिसे भारत ने हवा में ही नष्ट कर दिया था। पाकिस्तान ने इस दौरान जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात की हवाई सीमाओं में घुसपैठ की कोशिश करने की बात कही थी।
इसी बीच सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी कैप्टन मुनीब जमाल का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह दावा करते नजर आते हैं कि उनकी मिसाइलों ने भारत के दो एयरबेस को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। अपने बयान में उन्होंने कहा कि लक्ष्य राजौरी और मामून एयरबेस थे, जिन्हें सफलतापूर्वक तबाह किया गया।
हालांकि इस दावे पर सवाल खड़े हो रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन स्थानों का जिक्र किया गया है, उनमें से राजौरी जम्मू-कश्मीर का एक जिला है, जहां कोई वायुसेना एयरबेस मौजूद नहीं है। वहीं मामून पंजाब के पठानकोट में स्थित एक सैन्य छावनी है, जिसे एयरबेस के रूप में नहीं जाना जाता। वीडियो में अधिकारी यह भी दावा करते हैं कि हमले के समय वहां आम नागरिक मौजूद थे, जिससे सैनिकों का हौसला बढ़ा।
सोशल मीडिया पर इस दावे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स ने इन बयानों का मजाक उड़ाते हुए कहा कि जिन ठिकानों पर हमले का दावा किया गया है, उनका वास्तविक अस्तित्व ही स्पष्ट नहीं है। कुछ यूजर्स ने व्यंग्य करते हुए लिखा कि ये ऐसे “एयरबेस” हैं जिन्हें शायद नक्शों में ही ढूंढना पड़ेगा।
