झांसी। बुंदेलखंड राज्य के गठन की मांग को लेकर पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने आंदोलन को नई गति देने का ऐलान किया है। शुक्रवार को झांसी के एक होटल में आयोजित बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि इस मुद्दे को उठाने की वजह से उनके बेटे और भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत का टिकट भी कट जाए तो उन्हें इसकी परवाह नहीं है, लेकिन बुंदेलखंड राज्य के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा, “अगर बेटे का टिकट काटना है तो काट दो, लेकिन बुंदेलखंड राज्य बनवाकर ही दम लेंगे।”
आंदोलन की नई रणनीति पर मंथन
गंगाचरण राजपूत ने बुंदेलखंड राज्य निर्माण आंदोलन की आगामी रणनीति तय करने के लिए वरिष्ठ पत्रकारों, अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों और आंदोलन से जुड़े लोगों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति के प्रयास से अलग राज्य का गठन संभव नहीं है, लेकिन यदि समाज के सभी वर्ग एकजुट होकर आवाज उठाएं और यह मांग झांसी से लेकर दिल्ली तक पहुंचे, तो सरकार को इस पर निर्णय लेना पड़ेगा।
‘राज्य दो, वोट लो’ अभियान शुरू करने का ऐलान
पूर्व सांसद ने कहा कि अब आंदोलन को “राज्य दो और वोट लो” अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। उनके अनुसार, चुनाव के दौरान जनता हर प्रत्याशी से पहले बुंदेलखंड राज्य की मांग पूरी करने की बात करेगी, उसके बाद ही वोट देने पर विचार करेगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विधानसभा में बुंदेलखंड राज्य गठन का प्रस्ताव लाने की भी मांग की।
भाषा, संस्कृति और विकास का दिया तर्क
गंगाचरण राजपूत ने कहा कि जब देश में भाषा और संस्कृति के आधार पर कई नए राज्यों का गठन हो चुका है, तो बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। उनका कहना था कि क्षेत्र में रोजगार और विकास के अवसरों की कमी के कारण बड़ी संख्या में लोगों को पलायन करना पड़ रहा है। अलग राज्य बनने से विकास की रफ्तार तेज होगी और पलायन पर भी रोक लग सकेगी।
पुराने आंदोलन को किया याद
पूर्व सांसद ने अपने पुराने आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर उन्होंने कई बार लाठीचार्ज भी झेला है। उन्होंने कहा कि आज भी मौसम बदलने पर उस दौर की चोटों का दर्द महसूस होता है। उनके अनुसार, अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं, इसलिए आंदोलन की रणनीति भी बदली जा रही है।
चुनावी माहौल में तेज होगी मांग
उन्होंने कहा कि चुनाव का समय जनता की आवाज बुलंद करने का सबसे प्रभावी अवसर होता है। इसी कारण अब राज्य गठन की मांग को चुनावी माहौल में और मजबूती से उठाया जाएगा, ताकि राजनीतिक दलों पर इस मुद्दे पर निर्णय लेने का दबाव बने।
बेटे के आंदोलन का भी किया उल्लेख
गंगाचरण राजपूत ने कहा कि उनके परिवार का बुंदेलखंड राज्य आंदोलन से पुराना जुड़ाव रहा है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे और महोबा की चरखारी विधानसभा से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत भी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन कर चुके हैं। उन्होंने हाल में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के महोबा दौरे के दौरान उनके काफिले का घेराव कर बुंदेलखंड राज्य की मांग उठाई थी।
