आमतौर पर भीड़भाड़ वाले बाजार, चौराहे और व्यावसायिक इलाके भीषण गर्मी के कारण वीरान नजर आए। लोग गर्म हवाओं और तेज धूप से बचने के लिए घरों में ही रहने को मजबूर दिखे। केवल जरूरी कामों के लिए ही लोग बाहर निकल रहे हैं और वे भी सिर, चेहरा तथा पूरा शरीर कपड़ों से ढंककर ही घर से बाहर कदम रख रहे हैं।
गर्मी के इस दौर में सड़कों के किनारे लगे गन्ने के रस, लस्सी और छाछ के स्टॉल लोगों को कुछ राहत देते नजर आए। दोपहर के समय इन स्टॉलों पर हल्की चहल-पहल दिखाई दी, जहां लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते दिखे।
लगातार बढ़ती गर्मी और लू को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने लोगों से सावधानी बरतने और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देने की अपील की है। विभाग ने सलाह दी है कि लोग प्यास न लगने पर भी नियमित रूप से पानी, ओआरएस घोल, नींबू पानी और छाछ का सेवन करते रहें, ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी कहा है कि दोपहर के समय भारी, तला-भुना और अधिक मसालेदार भोजन से बचना चाहिए। इसके स्थान पर हल्का भोजन और मौसमी फलों को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है। विभाग के अनुसार, गर्मी के मौसम में खानपान और दिनचर्या में थोड़ी सावधानी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचा सकती है।
नागरिकों को विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। यदि किसी जरूरी कार्य से बाहर जाना पड़े तो सूती और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनने तथा सिर को टोपी, छतरी या गमछे से ढंककर रखने को कहा गया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दो-तीन दिनों तक जिले में गर्मी और लू का असर इसी तरह बना रह सकता है। दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे गर्मी से राहत नहीं मिल रही। प्रशासन ने भी बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।
कटनी में लगातार बढ़ती गर्मी ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में लोगों को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत होगी, क्योंकि मौसम का यह तीखा तेवर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा।
