अरविंद जैन ने क्या कहा,जैन के मुताबिक,AI इंसानों को replace नहीं बल्कि empower करता है
यह कर्मचारियों को ज्यादा सक्षम और उत्पादक बनाता है
फिलहाल AI की वजह से किसी पद के पूरी तरह खत्म होने की स्थिति नहीं दिख रही
उन्होंने कहा कि AI बेहतर क्वालिटी का काम करने में मदद करता है और इंसानों की भूमिका आगे भी महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
दूसरी तरफ छंटनी का दौर
हालांकि टेक इंडस्ट्री की वास्तविक तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार:
Meta ने AI फोकस के बीच हजारों कर्मचारियों की छंटनी शुरू की
कई कंपनियां ऑटोमेशन और AI आधारित सिस्टम अपना रही हैं
2026 में अब तक बड़ी संख्या में टेक कर्मचारियों की नौकरियां प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं
टेक दिग्गजों की अलग-अलग राय
AI को लेकर इंडस्ट्री दो हिस्सों में बंटी दिख रही है।
AI से नौकरी खतरे की चेतावनी देने वाले:
Anthropic के CEO डारियो अमोदेई
Amazon के अधिकारी
Microsoft के नेतृत्व समूह
Jamie Dimon
इनका मानना है कि AI कई white-collar jobs को प्रभावित कर सकता है।
जबकि अरविंद जैन का दृष्टिकोण:
AI को “काम का सहयोगी” मानता है
इंसानों की जरूरत खत्म होने की बात से असहमत हैविशेषज्ञों के अनुसार असली बहस अब यह नहीं है कि “AI आएगा या नहीं”, बल्कि यह है कि:
कौन-सी नौकरियां बदलेंगी
कौन-से कौशल सबसे ज्यादा जरूरी होंगे
इंसान और AI साथ कैसे काम करेंगे
