इस फिल्म में एक ऐसा सीन फिल्माया गया था, जो आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे जोखिम भरे दृश्यों में गिना जाता है। कहानी के मुताबिक, फिल्म में विलेन का किरदार निभा रहे अभिनेता को एक जिंदा कोबरा सांप के साथ सीन करना था। दृश्य यह था कि वह सांप को अपने हाथ में उठाकर उसकी मौजूदगी को अपने चेहरे के बेहद करीब लाएगा और अपनी जीभ बाहर निकालकर ऐसा दिखाएगा कि सांप उसे काट रहा है।
सेट पर असली कोबरा मौजूद था और पूरी यूनिट इस सीन को बेहद सतर्कता के साथ शूट कर रही थी। जैसे ही अभिनेता ने सांप को उठाकर अपने चेहरे के करीब लाया और अभिनय शुरू किया, तभी अचानक एक अप्रत्याशित घटना हुई सांप ने उसकी जीभ के बेहद पास डसने की कोशिश की और उसे काट लिया।
इस घटना के बाद सेट पर कुछ पलों के लिए पूरी तरह सन्नाटा पसर गया। हर कोई घबरा गया, लेकिन बाद में पता चला कि सांप का जहर पहले ही निकाला जा चुका था, इसलिए किसी बड़ी अनहोनी से बचाव हो गया।
यह खतरनाक सीन फिल्म में अमरीश पुरी द्वारा निभाए गए राजा भीष्म बहादुर सिंह के किरदार का हिस्सा था। उनके इस किरदार को और भी अधिक डरावना और प्रभावशाली दिखाने के लिए यह दृश्य फिल्माया गया था, जिसमें वे खुद को इतना निर्दयी दिखाते हैं कि सांप के जहर का भी उन पर कोई असर नहीं होता।
फिल्म रिलीज होने के बाद यह सीन इतना चर्चित हुआ कि कई दर्शकों को यकीन ही नहीं हुआ कि यह वास्तविक शूटिंग थी। अमरीश पुरी की दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और इस खतरनाक स्टंट ने उन्हें हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार खलनायकों में और भी मजबूत जगह दिलाई।
आज भी ‘अशांति’ का यह सीन भारतीय फिल्म इतिहास के उन दुर्लभ दृश्यों में गिना जाता है, जिन्हें देखकर दर्शक हैरान भी होते हैं और उस दौर की फिल्ममेकिंग के साहस को सलाम भी करते हैं।
