इंफ्रास्ट्रक्चर से बदल रही तस्वीर
प्रदेश में एक्सप्रेसवे, रेलवे फ्रेट कॉरिडोर, एयरपोर्ट और वेयरहाउसिंग नेटवर्क को एक साथ जोड़कर एक आधुनिक लॉजिस्टिक्स सिस्टम तैयार किया जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट राज्य को एक कोने से दूसरे कोने तक तेज कनेक्टिविटी दे रहे हैं।इन एक्सप्रेसवे की मदद से माल परिवहन तेज हुआ है और उद्योगों को सप्लाई चेन में बड़ी राहत मिली है।
फ्रेट कॉरिडोर और लॉजिस्टिक हब का विस्तार
ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ने उत्तर प्रदेश की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत किया है।
ग्रेटर नोएडा के दादरी में करीब 7000 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब उत्तर भारत का प्रमुख कार्गो और वेयरहाउसिंग सेंटर बनने की ओर है।
इसके अलावा बोराकी रेलवे स्टेशन, कानपुर, गोरखपुर और टप्पल-बजना में भी मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किए जा रहे हैं।
औद्योगिक क्लस्टर और सप्लाई चेन नेटवर्क
गंगा एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के किनारे मेरठ, हापुड़, अमरोहा, बदायूं, शाहजहांपुर, उन्नाव और प्रयागराज जैसे जिलों में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर बनाए जा रहे हैं। इससे मैन्युफैक्चरिंग, स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को नई ताकत मिलेगी।
एग्री और वेयरहाउसिंग सेक्टर का विकास
प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज, मल्टी-कमोडिटी वेयरहाउस और आधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। इससे कृषि उत्पादों की स्टोरेज और सप्लाई बेहतर हो रही है और किसानों को भी फायदा मिल रहा है।ई-कॉमर्स, फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट इंडस्ट्री के लिए भी विशेष वेयरहाउसिंग सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
जेवर एयरपोर्ट बनेगा गेम चेंजर
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) उत्तर भारत का सबसे बड़ा एविएशन और कार्गो हब बनने की ओर है। इसकी एक्सप्रेसवे और फ्रेट कॉरिडोर से कनेक्टिविटी इसे एक मजबूत मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक सेंटर बना रही है।
जल मार्ग और डिजिटल सिस्टम से सुधार
वाराणसी मल्टीमॉडल टर्मिनल और इनलैंड वाटरवे नेटवर्क के जरिए नदी आधारित परिवहन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही ‘निवेश मित्र’ सिंगल विंडो सिस्टम और डिजिटल प्लानिंग टूल्स से निवेश प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया गया है।
सरकारी योजनाओं और तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण उत्तर प्रदेश अब सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि भारत की भविष्य की सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स का बड़ा केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
