नई दिल्ली । लंबी यात्रा का नाम सुनते ही जहां कुछ लोगों के चेहरे पर उत्साह आ जाता है, वहीं कई लोगों के लिए सफर एक बड़ी परेशानी बन जाता है। कार, बस या पहाड़ी रास्तों पर सफर करते समय उल्टी, चक्कर, घबराहट और जी मिचलाने जैसी समस्याएं कई यात्रियों को परेशान करती हैं। इस स्थिति को सामान्य भाषा में मोशन सिकनेस कहा जाता है। यह समस्या न केवल यात्रा का आनंद खराब कर देती है, बल्कि कई बार लोगों को सफर करने से भी डर लगने लगता है। हालांकि, कुछ आसान घरेलू उपायों को अपनाकर इस परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
मोशन सिकनेस आमतौर पर तब होती है जब आंखों और दिमाग के बीच तालमेल बिगड़ जाता है। चलते वाहन में शरीर एक तरह की गति महसूस करता है, जबकि दिमाग उसे अलग तरीके से समझता है। इसी कारण घबराहट, चक्कर और उल्टी जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। लेकिन यदि सफर से पहले और दौरान कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए, तो यात्रा काफी आरामदायक बन सकती है।
अदरक को इस समस्या का सबसे प्रभावी घरेलू उपाय माना जाता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण पेट को शांत रखने में मदद करते हैं और जी मिचलाने की समस्या को कम करते हैं। सफर पर निकलने से पहले अदरक वाली चाय पीना या अदरक का छोटा टुकड़ा चबाना फायदेमंद साबित हो सकता है। कई लोग अदरक की टॉफी या कैंडी का इस्तेमाल भी करते हैं, जिससे यात्रा के दौरान राहत मिलती है।
नींबू और काला नमक भी सफर के दौरान काफी लाभकारी माने जाते हैं। नींबू की खुशबू और उसका स्वाद पेट को आराम देता है। यात्रा के दौरान यदि जी मिचलाने लगे तो नींबू के टुकड़े पर थोड़ा काला नमक लगाकर चूसने से तुरंत राहत महसूस हो सकती है। यह तरीका खासतौर पर पहाड़ी रास्तों में बेहद कारगर माना जाता है।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि खाली पेट सफर करने से बचना चाहिए। कई लोग यह सोचकर बिना कुछ खाए यात्रा पर निकल जाते हैं कि इससे उल्टी नहीं होगी, लेकिन वास्तव में खाली पेट होने से परेशानी और बढ़ सकती है। सफर से पहले हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करना बेहतर माना जाता है। तला-भुना और अधिक मसालेदार भोजन से दूरी बनाना भी जरूरी है।
सही सीट का चुनाव भी मोशन सिकनेस को कम करने में अहम भूमिका निभाता है। कार या बस में आगे की सीट पर बैठने से शरीर को कम झटके महसूस होते हैं। साथ ही बाहर के दृश्यों को देखने से दिमाग और आंखों के बीच बेहतर तालमेल बना रहता है, जिससे चक्कर और घबराहट कम होती है। सफर के दौरान लगातार मोबाइल देखने या किताब पढ़ने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे परेशानी बढ़ सकती है।
ताजी हवा लेना भी बेहद जरूरी है। बंद खिड़कियां, तेज गंध और घुटन भरा माहौल कई बार उल्टी की समस्या को बढ़ा देते हैं। ऐसे में वाहन की खिड़की थोड़ा खुला रखना या बीच-बीच में ताजी हवा लेना राहत पहुंचा सकता है।
अगर किसी व्यक्ति को हर यात्रा में गंभीर मोशन सिकनेस की समस्या होती है, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी हो सकता है। कुछ मामलों में दवाओं की जरूरत भी पड़ सकती है। सही सावधानी और घरेलू उपायों के जरिए सफर को आरामदायक और आनंददायक बनाया जा सकता है।
