लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सैलून मैनेजर रत्ना प्रिया सिंह आत्महत्या मामले में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। गोमती नगर विस्तार इलाके में चर्चित हुए इस केस में मुख्य आरोपी बिजनेसमैन शरद सिंह के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। शनिवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और प्रशासन की टीम ने शरद सिंह के निर्माणाधीन अपार्टमेंट पर बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिया।
पुलिस के मुताबिक रत्ना प्रिया सिंह ने प्रताड़ना से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। मौत से पहले उन्होंने रोते हुए एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था, जिसमें शरद सिंह, उसकी पत्नी पल्लवी जोशी समेत कई लोगों पर मानसिक और शारीरिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे। वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया।
इस मामले में पुलिस ने शरद सिंह, पल्लवी जोशी, मंगलनाथ यादव, वैशाली और प्रशांत शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। डीसीपी डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि फरार चल रहे आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया है। साथ ही सभी आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट (NBW) भी जारी किए गए हैं।
प्रशासन ने जांच के दौरान पाया कि मलेशेमऊ इलाके में शरद सिंह का निर्माणाधीन अपार्टमेंट अवैध तरीके से बनाया जा रहा था। इसके बाद एलडीए की टीम मौके पर पहुंची और बुलडोजर चलाकर अवैध हिस्से को ध्वस्त कर दिया। इससे पहले पुलिस शरद सिंह के विरासत होटल, सैलून और अन्य प्रतिष्ठानों को भी सील कर चुकी है। इसके अलावा एक स्विफ्ट, स्कॉर्पियो और वॉल्वो कार को भी कब्जे में लिया गया है।
गुरुवार को पुलिस ने मामले में आरोपी मंगलनाथ यादव को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि मुख्य आरोपी शरद सिंह अब भी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
रत्ना प्रिया के पिता सुधीर कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर बेटी को न्याय दिलाने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि मुख्य आरोपी अपने रसूख के दम पर कार्रवाई से बचने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने मामले में तेजी दिखाई और लगातार सख्त कार्रवाई शुरू कर दी।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद लखनऊ में प्रशासन की कार्रवाई और बुलडोजर एक्शन की चर्चा तेज हो गई है।
