नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार राजधानी क्षेत्र को और अधिक विकसित और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। इसके तहत लखनऊ समेत छह जिलों सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी और रायबरेली को मिलाकर स्टेट कैपिटल रीजन (UPSCR) तैयार किया जा रहा है।
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत लगभग 26 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में समग्र विकास की रूपरेखा तैयार की जा रही है। बुधवार को लोक भवन में मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस परियोजना से जुड़ी 29 बड़ी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बैठक में जानकारी दी कि इस पूरे क्षेत्र के लिए जीआईएस आधारित क्षेत्रीय महायोजना तैयार की जा रही है, जिससे विकास कार्यों को तकनीकी आधार पर आगे बढ़ाया जा सके।
परियोजना के तहत ट्रांसपोर्ट, मोबिलिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी कई योजनाएं शामिल हैं। इनमें राज्य राजधानी माला (रीजनल रोड नेटवर्क), एलिवेटेड पेरिफेरल रोड, रोड अपग्रेडेशन, ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर और मेट्रो नेटवर्क के विस्तार जैसी बड़ी परियोजनाएं प्रमुख हैं।
इसके अलावा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए लॉजिस्टिक पार्क, फूड पार्क और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर आधारित विकास की भी योजना है।
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों से जल्द सुझाव लेकर परियोजनाओं को अंतिम रूप देने और उन्हें धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार का मानना है कि इस रीजन के विकसित होने से निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण क्षेत्रों तक शहरी सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे पलायन में भी कमी आएगी।
