रुचि वीरा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि OP राजभर के ट्वीट या बयानों को बहुत गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है उन्होंने यह भी दावा किया कि OP राजभर खुद समाजवादी पार्टी में शामिल होने के इच्छुक हैं और ऐसे बयान केवल राजनीतिक चर्चा में बने रहने के लिए दिए जाते हैं उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है
इसके साथ ही रुचि वीरा ने मुरादाबाद में हुए PDA सम्मेलन को लेकर भी नाराजगी जताई उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें इस कार्यक्रम की कोई जानकारी नहीं दी गई और न ही कार्यक्रम से जुड़े होर्डिंग या बैनर में उनकी तस्वीर शामिल की गई उन्होंने इसे संगठन के भीतर समन्वय की कमी का संकेत बताया
सपा सांसद ने आगे पार्टी के ही एक नेता पर गंभीर आरोप भी लगाए हालांकि उन्होंने किसी का नाम सार्वजनिक नहीं किया लेकिन उनका कहना था कि जिले में एक नेता लगातार गुटबाजी को बढ़ावा दे रहा है और संगठन के भीतर षड्यंत्र जैसी स्थिति पैदा कर रहा है उन्होंने कहा कि वह इस मामले को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने रखेंगी और मांग करेंगी कि ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए
रुचि वीरा ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पूर्ण आस्था समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के नेतृत्व में है और वह पार्टी के सिद्धांतों के साथ पूरी तरह से खड़ी हैं लेकिन साथ ही उन्होंने यह संकेत भी दिया कि संगठन के भीतर कुछ असंतोष और आंतरिक खींचतान मौजूद है जिसे समय रहते ठीक करना जरूरी है
उनके इस बयान के बाद मुरादाबाद की सियासत में हलचल तेज हो गई है और सपा के भीतर गुटबाजी को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान आने वाले समय में पार्टी संगठन पर असर डाल सकते हैं खासकर जब चुनावी माहौल में सभी दल अपनी एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रहे हों
वहीं OP राजभर और सपा के बीच पहले से ही राजनीतिक दूरी और बयानबाजी का दौर चलता रहा है ऐसे में रुचि वीरा का यह पलटवार इस सियासी टकराव को और अधिक तीखा बना सकता है फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी नेतृत्व इस मामले पर क्या रुख अपनाता है और क्या अंदरूनी विवाद को शांत करने के लिए कोई कदम उठाया जाता है
