कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अयोध्या को 378 करोड़ रुपये की लागत वाली राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय की सौगात भी दी। इसके साथ ही उन्होंने कुल 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर क्षेत्र के विकास को नई गति देने का दावा किया। इन परियोजनाओं में स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और आधारभूत संरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं, जो अयोध्या के समग्र विकास में अहम भूमिका निभाएंगे।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सत्ता में आने के बाद देश की महान वीरांगनाओं जैसे रानी लक्ष्मीबाई, रानी दुर्गावती, रानी अवंतीबाई लोधी, झलकारी बाई और ऊदा देवी के नाम पर कई जनकल्याणकारी योजनाएं और कार्यक्रम शुरू किए हैं। उनका कहना था कि इन ऐतिहासिक व्यक्तित्वों का सम्मान आने वाली पीढ़ियों को साहस, समर्पण और देशभक्ति की सीख देता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी यानी प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी की तीन नई बटालियनों का गठन किया गया है, जिन्हें वीरांगना अवंतीबाई लोधी, झलकारी बाई और ऊदा देवी के नाम पर समर्पित किया गया है। खास बात यह है कि इन बटालियनों में केवल महिलाओं की भर्ती की जाएगी, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल महिलाओं की सुरक्षा बलों में भागीदारी बढ़ाएगी बल्कि समाज में उनके नेतृत्व और क्षमता को भी नई पहचान देगी। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास और विरासत के संतुलन के साथ ही उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ाया जा रहा है और अयोध्या इस परिवर्तन का एक प्रमुख केंद्र बन रहा है।
