झांसी। साहित्य सभा झांसी के तत्वावधान में संतकवि तुलसी दास जयन्ती पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन सभा के मण्डलीय संयोजक सत्य प्रकाश ताम्रकार सत्य की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। जिसमें उपस्थित साहित्यकारों ने तुलसीदास के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की।
परिचर्चा गोष्ठी में बोलते हुए कवि संजीव दुबे ने कहा कि तुलसी भक्ति काव्य के अद्वितीय कवि थे जिन्होंने न केवल भक्ति काव्य की रचना की अपितु मुगलों के शासन काल में भी सनातन को संरक्षित करने का अतुलनीय कार्य किया और विखण्डित होते समाज़ परिवार और देश को एक करने का मूलमंत्र रामचरितमानस के रूप में हमें दिया। इसी क्रम में कवि और पत्रकार रिपुसूदन नामदेव ने कहा कि तुलसी दास अपने जीवन में भले ही गरीबी से जूझते रहे हों किन्तु उनके द्वारा रचित रामचरित मानस एक ऐसा ग्रन्थ सनातन समाज को देकर गये हैं जो सैकड़ो परिवारों का भरण-पोषण कर रहा है।
युवा गीतकार वैभव दुबे ने कहा कि तुलसी एक ऐसे कवि हैं जिनको जितनी बार पढ़ो उतनी बार उनकी रचनाएँ जीवन के नये अर्थ समझा जाती है। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कवि सत्य प्रकाश ताम्रकार सत्य ने तुलसीदास को युग दृष्टा कवि बताते हुए कहा कि राम चरित मानस के उत्तर काण्ड में तुलसी दास पांच सौ साल पहले आज की स्थितियों का वर्णन कर गये हैं और इन परिस्थितियों से उबरने के उपाय भी बता गये हैं। बस जरूरत इस बात की है कि हम तुलसी को केवल धार्मिक आस्था के साथ न पढ़ें बल्कि उन्हे आत्मसात करें और उस चलने का प्रयास करें।
विचार गोष्ठी में युवा गज़लकार राहुल मिश्रा, अर्जुन सिंह चाॅद,श्रीमती नेहा चाचरा बहल,श्रीमती मोनिका पाण्डेय मनु,श्रीमती संगीता निगम,पी के खरे,जब्बार शारिब,देवेन्द्र नटखट, महेंद्र कुमार,राजेश पाल,रवि वर्मा श्रीमती कुमकुम श्रीमती सुमन आदि लोग उपस्थित रहे। संचालन अर्जुन सिंह चाॅद ने तथा आभार रिपुसूदन नामदेव ने व्यक्त किया।
