समस्याओं के निराकरण में हीलाहवाली पर लेखाधिकारी को आन्दोलन की चेतावनी
झांसी। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष जितेन्द्र दीक्षित के नेतृत्व में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी से मिला। विद्यालय निपुण न होने पर शिक्षकों की वेतन वृद्धि रोके जाने पर विरोध दर्ज कराया।

ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि कुछ डीएलएड प्रशिक्षुओं द्वारा निपुण आकलन करने के बाद डाटा सिंक न होने के तकनीकी त्रुटियों से विद्यालय शून्य प्रदर्शित हो रहे हैं। जबकि सप्ताह में सपोर्टिव सुपरविजन के दौरान उक्त विद्यालयों के छात्र निपुण प्रदर्शित हो रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद के 58 विद्यालयों के शिक्षकों की वेतन वृद्धि रोक दी गई है। शिक्षक संघ ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसे शासनादेश के विपरीत कदम बताया। वहीं 10 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षकों के चयन वेतनमान / एसीपी का लाभ दिए जाने की मांग की। साथ ही विकास खण्ड बड़ागांव में तकनीकी कारणों से मुख्यमंत्री शिक्षा कैशलैस चिकित्सा योजना के आवेदन पूर्ण न हो पाने पर वार्ता के क्रम में बीएसए ने पोर्टल चालू होने की जानकारी दी। इसके साथ ही शिक्षक नेताओं ने जिला वित्त एवं लेखाधिकारी से मुलाकात की और अनुस्मारक पत्र सौंपते हुए शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण न होने पर आन्दोलन की चेतावनी दी।
जीपीएफ, अवशेष देयक, सेवानिवृत्त शिक्षकों के प्रकरण, चयन वेतनमान, अवरुद्ध वेतन, आयकर कटौती सहित कई महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर दिए ज्ञापन पर ठोस कार्यवाही न होने पर गहरा असंतोष जताया। अगले 7 दिनों में समयबद्ध निराकरण न होने की स्थिति में आन्दोलनात्मक कार्यक्रम चलाने की चेतावनी दी। इस दौरान जिला मंत्री मृत्युंजय सिंह, जिला प्रवक्ता अब्दुल नोमान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष भारत भूषण राय, उपाध्यक्ष अकील अहमद खान, अमरपाल सिंह, प्रशान्त द्विवेदी, जितेन्द्र सिंह, डॉ. अनिरुद्ध रावत आदि मौजूद रहे।
