नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में स्थित बेलाताल कस्बे के प्राचीन हनुमान मंदिर में एक बुजुर्ग पुजारी की निर्मम हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। मंदिर परिसर में रहने वाले 65 वर्षीय पुजारी का शव शनिवार सुबह खून से लथपथ अवस्था में मिलने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, जनपद हमीरपुर के अमगांव निवासी उदित नारायण पिछले लगभग 16 वर्षों से बेलाताल स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में पुजारी के रूप में सेवा दे रहे थे। वह मंदिर परिसर में ही निवास करते थे और प्रतिदिन नियमित रूप से पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं की सेवा करते थे। शुक्रवार शाम भी उन्होंने मंदिर में सामान्य रूप से पूजा-अर्चना संपन्न कराई थी। इसके बाद देर रात अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया।
शनिवार सुबह जब श्रद्धालु मंदिर पहुंचे तो उन्होंने मंदिर परिसर में पुजारी का शव खून से लथपथ पड़ा देखा। शव के सिर और गले पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए, जिससे प्रारंभिक जांच में लाठी-डंडों से हमला कर हत्या किए जाने की आशंका जताई गई। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई, जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और फॉरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
मृतक के भाई जुगल ने पुलिस को दी गई तहरीर में अज्ञात लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उदित नारायण लंबे समय से मंदिर में रहकर धार्मिक सेवा कर रहे थे और किसी से कोई खुला विवाद नहीं था। उन्होंने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और मामले का निष्पक्ष खुलासा करने की मांग की है।
घटनास्थल पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, कोतवाली प्रभारी और फॉरेंसिक टीम ने मंदिर परिसर से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और घटनास्थल के आसपास उपलब्ध संभावित सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि मृतक पुजारी लंबे समय से बेलाताल में रह रहे थे। कुछ स्थानीय लोगों ने उनके नशा करने की बात भी कही है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की जानकारियों की भी जांच की जा रही है और फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। हत्या के वास्तविक कारणों का पता वैज्ञानिक साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही लगाया जाएगा।
इस घटना ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। लोगों ने मंदिर परिसर में हुई इस वारदात को गंभीर सुरक्षा चुनौती बताते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और विभिन्न पहलुओं पर जांच जारी है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले का जल्द खुलासा कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
