नई दिल्ली । चित्रकूट के संयुक्त जिला चिकित्सालय में आमजन को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में अस्पताल में नेत्र रोगियों के उपचार और शल्य चिकित्सा सेवाओं को नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में नेत्र रोग विशेषज्ञों की टीम ने एक ही दिन में 19 मरीजों के सफल ऑपरेशन कर अस्पताल की चिकित्सा क्षमता और विशेषज्ञता का परिचय दिया है।
जिला अस्पताल में चल रहे नियमित नेत्र चिकित्सा कार्यक्रम के तहत विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा पहले मरीजों की विस्तृत जांच की जाती है। जांच के बाद जिन मरीजों को शल्य चिकित्सा की आवश्यकता होती है, उनका चिन्हांकन कर निर्धारित दिवसों पर ऑपरेशन किया जाता है। इस व्यवस्था से मरीजों को समय पर उपचार मिलने के साथ लंबी प्रतीक्षा की समस्या भी काफी हद तक कम हुई है।
अस्पताल के नेत्र विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. रमेश कुमार भारती और डॉ. अरुण आर्या के नेतृत्व में लगातार मरीजों की जांच और उपचार किया जा रहा है। विभाग द्वारा प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को मोतियाबिंद की शल्य चिकित्सा नियमित रूप से की जाती है। इससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।
हाल ही में आयोजित शल्य चिकित्सा सत्र में 16 मरीजों का मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन किया गया, जबकि तीन मरीजों का टेरीजियम का ऑपरेशन भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रकार कुल 19 नेत्र रोगियों की सर्जरी की गई। सभी ऑपरेशन सफल रहने के बाद मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति संतोषजनक पाई गई और आवश्यक चिकित्सकीय निगरानी के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
चिकित्सकों के अनुसार समय पर जांच और उपचार से आंखों से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं को रोका जा सकता है। विशेष रूप से मोतियाबिंद जैसी बीमारी का समय पर ऑपरेशन होने से मरीजों की दृष्टि में सुधार आता है और उनके दैनिक जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती है। नियमित नेत्र शिविर और सर्जरी कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक गुणवत्तापूर्ण उपचार पहुंचाना है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षित चिकित्सकों और सुव्यवस्थित चिकित्सा व्यवस्था के कारण मरीजों को सुरक्षित और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को बड़े शहरों का रुख न करना पड़े।
जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में संचालित यह पहल सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित जांच, समय पर शल्य चिकित्सा और बेहतर चिकित्सकीय निगरानी के माध्यम से नेत्र रोगों से होने वाली दृष्टि संबंधी समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। संयुक्त जिला चिकित्सालय की यह उपलब्धि न केवल चिकित्सा व्यवस्था की दक्षता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि सरकारी अस्पतालों में आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ सेवाओं के माध्यम से मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराया जा सकता है।
