नई दिल्ली । स्वच्छ भारत मिशन के तहत चित्रकूट स्थित कामतानाथ धाम में सप्ताहभर चलाए गए “स्वच्छ कामदगिरि, निर्मल परिक्रमा” अभियान के दौरान परिक्रमा मार्ग की व्यापक सफाई की गई। अभियान का उद्देश्य धार्मिक स्थल को स्वच्छ बनाए रखने के साथ श्रद्धालुओं को साफ, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना रहा। इस पहल के दौरान परिक्रमा मार्ग पर फैले प्लास्टिक, कूड़ा-करकट और अन्य अपशिष्ट सामग्री को हटाकर उचित तरीके से निस्तारित किया गया।
अभियान का संचालन जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में नगर पालिका परिषद चित्रकूटधाम और कामदगिरि स्वच्छता समिति के संयुक्त सहयोग से किया गया। स्थानीय प्रशासन ने स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ते हुए धार्मिक स्थलों पर साफ-सफाई बनाए रखने के महत्व पर विशेष जोर दिया। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में सफाई कर्मियों ने निर्धारित क्षेत्रों में लगातार सफाई कार्य किया।
रविवार को लाल बाबा आश्रम के सामने स्थित क्षेत्र से अभियान की शुरुआत की गई। सफाई टीमों ने परिक्रमा मार्ग के विभिन्न हिस्सों में फैले प्लास्टिक, पॉलीथीन, बोतलें और अन्य कचरे को एकत्रित किया। इसके बाद एकत्रित अपशिष्ट का नियमानुसार निस्तारण किया गया, जिससे मार्ग पहले की तुलना में अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित दिखाई दिया।
प्रशासन का कहना है कि कामतानाथ धाम देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में धार्मिक स्थल की स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासन की ही नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक की भी साझा जिम्मेदारी है। अभियान के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया गया, ताकि भविष्य में परिक्रमा मार्ग पर कचरा फैलाने की प्रवृत्ति कम हो सके।
अभियान के दौरान श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट सामग्री को खुले में न फेंकें तथा निर्धारित स्थानों पर ही कचरा डालें। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए नियमित सफाई अभियान आगे भी जारी रहेंगे। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आने वाले श्रद्धालुओं को भी बेहतर और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि नियमित सफाई से कामदगिरि परिक्रमा मार्ग की सुंदरता और पवित्रता दोनों बनी रहेगी। प्रशासन का मानना है कि जनसहयोग और निरंतर निगरानी के माध्यम से स्वच्छता अभियान को स्थायी सफलता मिल सकती है। इसी उद्देश्य से भविष्य में भी ऐसे अभियान चलाकर धार्मिक स्थलों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।
