झांसी। झाँसी मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा एवं राजस्व की रक्षा के उद्देश्य से शुक्रवार को वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी स्टेशन पर टिकट संबंधी धोखाधड़ी एवं फर्जी अनारक्षित टिकटों (UTS) की रोकथाम हेतु एक कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के मार्गदर्शन, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अमन वर्मा के निर्देशन एवं सहायक वाणिज्य प्रबंधक (ACM), झाँसी, अनिल श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजित की गई, जिसमें मुख्य रूप से टिकट चेकिंग स्टाफ एवं बुकिंग स्टाफ ने शिरकत की।
कार्यशाला के मुख्य बिंदु और दिशा-निर्देश:
फर्जी टिकटों की पहचान का प्रशिक्षण: कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य यूटीएस (UTS) टिकटों में हो रहे फर्जीवाड़े की पहचान करना था। स्टाफ को बताया गया कि वे टिकट के प्रिंटेड फॉर्मेट, विशेष फॉन्ट (जैसे सभी Vowels का एक विशेष फॉन्ट में होना), और वॉटरमार्क जैसी बारीकियों को ध्यान में रखें ताकि असली और नकली टिकट का अंतर तुरंत समझ आ सके।
सुरक्षा फीचर्स की जांच: स्टाफ को टिकट पर अंकित यूटीएस नंबर (UTS No.), स्टॉक नंबर (Stock No.), रैंडम नंबर और क्यूआर कोड (QR Code) के सत्यापन की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेष रूप से बताया गया कि थर्मल स्टेशनरी पर स्टॉक नंबर के सभी अंक और सामान्य स्टेशनरी पर अंतिम 4 अंक प्रिंट होते हैं।
TTE ऐप का अनिवार्य उपयोग: सभी टिकट चेकिंग स्टाफ को निर्देशित किया गया कि वे अपने मोबाइल और हैंडहेल्ड टर्मिनल (HHT) में ‘TTE App’ इंस्टॉल करें और इसके माध्यम से टिकटों को स्कैन कर उनकी प्रामाणिकता सुनिश्चित करें। ऐप के संचालन में आने वाली तकनीकी समस्याओं जैसे प्रोफाइल या पासवर्ड एरर के सुधार हेतु क्रिस (CRIS) को सूचित किया गया है।
तकनीकी खामियों पर निगरानी: कार्यशाला में ‘जियो फेंसिंग’ (Jio Fencing) व्यवस्था के उल्लंघन पर भी चर्चा हुई, जहाँ स्टेशन परिसर के भीतर क्यूआर कोड की फोटो के माध्यम से टिकट जारी करने जैसी अनियमितताएँ देखी गई हैं। प्रशासन ने ऐसी त्रुटियों पर सख्त सुधारात्मक कार्यवाही करने का निर्देश दिया है।
निकास द्वार पर शत-प्रतिशत चेकिंग: स्टेशन के सभी निकास द्वारों पर तैनात स्टाफ को यात्रियों से 100% टिकट संग्रहण सुनिश्चित करने और उसका रिकॉर्ड प्रतिदिन टीसीआर (TCR) में अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही एटीवीडीएम (ATVM) और ‘रेल वन’ (Rail One) ऐप से बुक किए गए टिकटों की भी गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं।
सहायक वाणिज्य प्रबंधक ने सभी कर्मचारियों को निर्देश देते हुए कहा कि टिकट जांच के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्धता पाए जाने पर तुरंत उच्च अधिकारियों और मुख्य वाणिज्य नियंत्रण (CCOR) को सूचित करें। रेलवे प्रशासन का लक्ष्य इन उपायों के कड़े पालन के माध्यम से रेल यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।
