झांसी। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत करारी में बनाए गए 28 आवासों का आवंटन झांसी विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने निरस्त कर दिया है। इन आवंटियों ने 25 हजार रुपए देकर आवास के लिए पंजीकरण कराया था, लेकिन आवंटन के बाद निर्धारित 1.75 लाख रुपए जमा कर रजिस्ट्री कराने में रुचि नहीं दिखाई। कई बार नोटिस देने के बावजूद रकम जमा नहीं होने पर जेडीए ने आवंटन रद्द कर दिया। अब इन आवासों का नए सिरे से आवंटन किया जाएगा।
4.50 लाख रुपए की है एक आवास की लागत
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत शहरी क्षेत्रों के पात्र ईडब्ल्यूएस परिवारों को किफायती पक्के मकान उपलब्ध कराए जा रहे हैं। करारी में जेडीए ने योजना के तहत कुल 751 आवासों का निर्माण कराया है। एक आवास की लागत करीब 4.50 लाख रुपए बताई गई है।
आवास आवंटित होने के बाद लाभार्थियों को करीब दो लाख रुपए अपना अंशदान जमा कर रजिस्ट्री करानी थी। इसके लिए पहले चरण में 25 हजार रुपए लेकर पंजीकरण किया गया था। इसके बाद जेडीए ने शेष निर्धारित राशि में से 1.75 लाख रुपए जमा कराने के निर्देश दिए थे।
नोटिस के बाद भी नहीं जमा की रकम
जेडीए की ओर से निर्धारित राशि जमा करने के लिए आवंटियों को कई बार नोटिस जारी किए गए। इसके बावजूद 28 आवंटी 1.75 लाख रुपए जमा नहीं कर सके। उन्हें बैंक से ऋण लेने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन कई बैंकों के ऋण देने पर राजी नहीं होने के कारण भी आवंटियों के सामने आर्थिक परेशानी आई। निर्धारित अंशदान जमा नहीं होने पर अंततः इनका आवंटन निरस्त कर दिया गया। वहीं, दूसरी ओर 28 अन्य आवंटियों ने निर्धारित धनराशि जमा कर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली है।
आवास मिलने के बाद अंशदान जमा करना जरूरी
जेडीए अधिकारियों के मुताबिक केवल आवास आवंटित होना पर्याप्त नहीं है। लाभार्थी को निर्धारित अंशदान जमा करने के साथ आवास की रजिस्ट्री भी करानी होती है। जेडीए उपाध्यक्ष हिमांशु गौतम ने बताया कि निर्धारित धनराशि जमा नहीं करने और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले 28 आवंटियों का आवंटन निरस्त किया गया है। अब इन आवासों का नए सिरे से आवंटन किया जाएगा।
