झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को संविदा सफाईकर्मियों ने वेतन वृद्धि और लंबित पीएफ जमा कराने की मांग को लेकर काम बंद कर दिया। सुबह करीब 10 बजे बड़ी संख्या में कर्मचारी मेडिकल कॉलेज के गेट नंबर-1 पर एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया। हड़ताल के चलते अस्पताल की सफाई व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि प्रदेश सरकार ने एक अप्रैल 2026 से नई न्यूनतम मजदूरी लागू कर दी है, लेकिन संबंधित कंपनी अब भी पुराने वेतनमान के अनुसार केवल 8,500 रुपये प्रतिमाह का भुगतान कर रही है। उनका कहना है कि इतनी कम आय में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।
‘सरकार ने वेतन बढ़ाया, कंपनी नहीं मान रही आदेश’
सफाईकर्मी अमित कुमार ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में करीब 700 संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं। उनके अनुसार, कॉलेज में काम कर रहीं अन्य एजेंसियां अपने कर्मचारियों को संशोधित वेतन दे रही हैं, जबकि उनकी कंपनी लगातार वेतन बढ़ाने का आश्वासन देकर मामला टाल रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने करीब नौ महीने से कर्मचारियों का भविष्य निधि (पीएफ) भी जमा नहीं कराया है। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला, जिसके चलते उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
‘8500 रुपये में घर चलाना मुश्किल’
सफाईकर्मी नीतू ने बताया कि वेतन समय पर नहीं मिलता और पीएफ भी जमा नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि 8,500 रुपये में बच्चों की फीस भरने के बाद घर का खर्च चलाना बेहद कठिन हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने पर कर्मचारियों को धमकाया भी जाता है।
वहीं सफाईकर्मी अर्चना ने कहा कि जब सरकार ने न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का आदेश दिया है तो कंपनी को भी उसका पालन करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक बढ़ा हुआ वेतन और पीएफ का भुगतान नहीं होगा, तब तक कर्मचारी काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
प्रशासन ने दिया समाधान का भरोसा
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि संविदा सफाईकर्मियों और संबंधित कंपनी के अधिकारियों से बातचीत की गई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर विचार किया जा रहा है और बातचीत के माध्यम से जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
