नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक युवा सिपाही द्वारा सर्विस राइफल से आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। आत्महत्या से पहले रिकॉर्ड किए गए एक ऑडियो में सिपाही ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने संबंधित अधिकारियों को लाइन हाजिर कर विभागीय जांच शुरू कर दी है।
मृतक सिपाही की पहचान 25 वर्षीय सुधीर के रूप में हुई है, जो आगरा जिले का रहने वाला था और कुछ महीने पहले ही पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था। वह बुलंदशहर के लखावटी पुलिस चौकी क्षेत्र में तैनात था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तड़के करीब तीन बजे वह अपनी सर्विस राइफल लेकर चौकी से बाहर निकला। उसके साथ मौजूद एक साथी सिपाही ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन उसने चेतावनी स्वरूप हवाई फायरिंग कर दी। इसके बाद साथी मदद लाने गया और इसी दौरान सुधीर ने खुद को गोली मार ली।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के साथ-साथ आत्महत्या से पहले रिकॉर्ड किए गए ऑडियो की भी जांच की जा रही है। ऑडियो में सिपाही ने आरोप लगाया कि पेट दर्द की शिकायत और छुट्टी की मांग करने पर उसके साथ अनुचित व्यवहार किया गया, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गया था। उसने अपनी मौत के लिए थाना प्रभारी और दो मुंशियों को जिम्मेदार ठहराया।
हालांकि, घटना के बाद सामने आए दूसरे पहलुओं की भी जांच की जा रही है। कुछ पुलिसकर्मियों ने बताया कि सिपाही पिछले कुछ समय से व्यक्तिगत कारणों से भी तनाव में था। अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जाएगी और केवल जांच रिपोर्ट के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाना प्रभारी और दोनों मुंशियों को लाइन हाजिर कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या अनुचित व्यवहार की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सिपाही की मौत की खबर मिलते ही उसके परिजन बुलंदशहर पहुंचे। परिवार ने भी छुट्टी न मिलने और मानसिक दबाव का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि सुधीर ने कुछ दिन पहले स्वास्थ्य संबंधी परेशानी और छुट्टी नहीं मिलने की बात घर पर बताई थी। वहीं पुलिस विभाग ने परिवार को हर संभव सहायता देने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।
फिलहाल पुलिस ऑडियो रिकॉर्डिंग, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने पुलिस कर्मियों के कार्यस्थल के माहौल, मानसिक स्वास्थ्य और ड्यूटी के दौरान मिलने वाले सहयोग को लेकर भी कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं।
