झांसी। सड़क हादसे में छोटे भाई अबान अहमद की मौत की खबर ने झांसी जेल में बंद उसके बड़े भाई अली अहमद को गहरे सदमे में डाल दिया है। जेल सूत्रों के मुताबिक, हादसे की जानकारी मिलने के बाद से अली बेहद गुमसुम है। वह रातभर सो नहीं सका और बार-बार जेल अधिकारियों से हादसे के बारे में जानकारी पूछता रहा।
आबान परिवार का सबसे छोटा बेटा था और सभी से उसका खास लगाव था। वह अपने भाई अली से मिलने के लिए हर महीने दो-तीन बार झांसी जेल आता था। इस बार भी वह अली से मिलने के लिए ही प्रयागराज से झांसी आ रहा था, लेकिन रास्ते में हुए सड़क हादसे में उसकी जान चली गई।
जेल में सामान्य गतिविधियों से भी दूर रहा अली
जेल सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार सुबह अली अपनी बैरक से बाहर नहीं निकला। सामान्य दिनों में वह कुछ समय के लिए बाहर आकर एक्सरसाइज करता है और जेल में मौजूद लोगों से बातचीत भी करता है। लेकिन भाई की मौत की खबर के बाद उसने किसी से बातचीत नहीं की।
गुरुवार रात भी वह अपनी कोठरी में गुमसुम बैठा रहा। हादसे की जानकारी मिलने के बाद उसने जेल अधिकारियों से कई बार घटना के बारे में पूछा। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को उसने खाना भी नहीं खाया और रातभर सोया नहीं।
आबान के हर महीने दो-तीन बार झांसी आने से दोनों भाइयों के बीच लगातार संपर्क बना हुआ था। ऐसे में अचानक हुए हादसे ने अली को बुरी तरह झकझोर दिया है।
अली को प्रयागराज भेजने का आदेश नहीं आया
छोटे भाई के अंतिम जनाजे में शामिल होने के लिए अली को प्रयागराज भेजे जाने की चर्चा के बीच शुक्रवार दोपहर तक झांसी जेल प्रशासन को इस संबंध में कोई आदेश नहीं मिला था। वरिष्ठ जेल अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि अली को प्रयागराज भेजे जाने को लेकर अभी तक उनके पास कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
अबान के शरीर पर मिलीं 23 चोटें
उधर, अबान अहमद के शव का गुरुवार रात महारानी लक्ष्मीबाई झांसी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। करीब साढ़े चार घंटे चले पोस्टमार्टम में उसके शरीर पर 23 चोटें पाई गईं। डॉक्टरों के मुताबिक, हादसे में लगी गंभीर चोटों के कारण शरीर के अंदर अत्यधिक रक्तस्राव हुआ, जिससे उसकी मौत हुई।
तेज टक्कर के कारण अबान का लीवर और फेफड़े क्षतिग्रस्त हो गए थे। तिल्ली को भी नुकसान पहुंचा था और पसलियां टूट गई थीं। इन चोटों के कारण शरीर के अंदर काफी रक्तस्राव हुआ।
हादसे में जान गंवाने वाले अबान के साथी सोनू उर्फ साकिर के शरीर पर भी गंभीर चोटें मिलीं। उसके दोनों हाथों और सिर की हड्डी में फ्रैक्चर पाया गया। डॉ. पंकज मुसतारिया, डॉ. जिया जफर और डॉ. रजनीश यादव के पैनल ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम किया।
पोस्टमार्टम के बाद देर रात परिजन दोनों शवों को लेकर प्रयागराज रवाना हो गए। शुक्रवार को अबान को प्रयागराज के कसारी मसारी स्थित पैतृक कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
