नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बिसंडा थाना क्षेत्र स्थित बड़ा गांव में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 26 वर्षीय महिला की करंट लगने से मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब महिला अपने घर में कूलर का स्विच ऑन कर रही थी। अचानक बिजली के करंट की चपेट में आने से वह मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक का माहौल फैल गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, बड़ा गांव निवासी अनुपमा पटेल अपने घर में सामान्य घरेलू कार्यों में व्यस्त थीं। सुबह करीब 10 बजे उन्होंने गर्मी से राहत पाने के लिए कूलर चालू करने का प्रयास किया। जैसे ही उन्होंने स्विच ऑन किया, वह तेज करंट की चपेट में आ गईं। अचानक हुए इस हादसे से वह जमीन पर गिर पड़ीं और बेहोश हो गईं। उस समय घर के अन्य सदस्य अलग-अलग कामों में व्यस्त थे, इसलिए घटना का तुरंत पता नहीं चल सका।
कुछ देर बाद अनुपमा के भतीजे दिव्यांश की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने अपनी चाची को अचेत अवस्था में देखा तो तुरंत परिवार के अन्य लोगों को सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें संभालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। अचानक हुई इस घटना से परिवार के सभी सदस्य स्तब्ध रह गए और घर में मातम छा गया।
परिजनों ने घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही बिसंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद पंचनामा की कार्रवाई पूरी की तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मृत्यु के कारणों की औपचारिक पुष्टि की जाएगी।
बताया गया कि मृतका के पति दीपक पटेल चंडीगढ़ में एक किराना दुकान पर नौकरी करते हैं। घटना की सूचना उन्हें भी दे दी गई है। अनुपमा अपने पीछे तीन वर्षीय पुत्र श्रेयांश को छोड़ गई हैं। परिवार पर अचानक आए इस दुखद हादसे ने सभी को झकझोर दिया है। गांव के लोगों ने भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
प्रारंभिक तौर पर यह मामला घरेलू बिजली उपकरण के उपयोग के दौरान करंट लगने से हुई दुर्घटना का माना जा रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं बिजली व्यवस्था में तकनीकी खराबी या अन्य कारण तो हादसे की वजह नहीं बने। विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात और नमी के मौसम में बिजली के उपकरणों का उपयोग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए तथा वायरिंग और स्विच की नियमित जांच करानी चाहिए, जिससे इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
