भारतीय टीम की कमान अनुभवी खिलाड़ी हर्ष मेहता को सौंपी गई है। लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हर्ष से टीम को काफी उम्मीदें हैं। उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी दी है। वहीं युवा प्रतिभा अर्जुन सिंह को अंडर 18 वर्ग की टीम का कप्तान बनाया गया है। अर्जुन पिछले कुछ समय से लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें भारतीय पिकलबॉल का भविष्य माना जा रहा है।
पुरुष टीम में हर्ष मेहता के अलावा अर्जुन सिंह, अनीश फ्रोलियन और अमन पटेल को जगह मिली है। महिला वर्ग में मिहिका यादव, आलिया इब्राहिम, पर्ल अमलसदीवाला और नाओमी अमलसदीवाला भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। चयनकर्ताओं का मानना है कि अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का यह संतुलित मिश्रण टीम को विश्व कप में मजबूत दावेदार बनाएगा।
कप्तान बनाए जाने के बाद हर्ष मेहता ने खुशी जताते हुए कहा कि किसी भी खिलाड़ी की व्यक्तिगत प्रतिभा मैच जिता सकती है, लेकिन चैंपियन वही टीम बनती है जो एकजुट होकर खेलती है। उन्होंने विश्वास जताया कि पूरी टीम अपनी क्षमता के अनुरूप सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी और भारत को विश्व कप में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करेगी। साथ ही उन्होंने कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपने के लिए भारतीय पिकलबॉल एसोसिएशन का आभार भी व्यक्त किया।
महिला टीम की खिलाड़ियों पर्ल अमलसदीवाला और नाओमी अमलसदीवाला ने पिछले एक वर्ष में घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। दोनों खिलाड़ियों ने महिला डबल्स और मिक्स्ड डबल्स स्पर्धाओं में कई महत्वपूर्ण पदक अपने नाम किए हैं। खास बात यह है कि नाओमी अमलसदीवाला और अर्जुन सिंह की जोड़ी मिक्स्ड डबल्स में भारत की सबसे मजबूत जोड़ियों में गिनी जाती है। हाल के महीनों में इस जोड़ी ने विश्व रैंकिंग की कई शीर्ष टीमों को हराकर अपनी प्रतिभा का शानदार परिचय दिया है।
भारतीय पिकलबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष सूर्यवीर सिंह भुल्लर ने टीम पर भरोसा जताते हुए कहा कि इस बार भारत के पास संतुलित और बेहद मजबूत टीम है। उन्होंने कहा कि हर्ष मेहता के नेतृत्व में सभी खिलाड़ी केवल भागीदारी के लिए नहीं बल्कि विश्व खिताब जीतने के इरादे से वियतनाम जाएंगे। उनका विश्वास है कि भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करेंगे।
पिछले पिकलबॉल वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। इस बार लक्ष्य उससे एक कदम आगे बढ़कर स्वर्ण पदक जीतने का है। इसी उद्देश्य से चयनित खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें तकनीकी कौशल, फिटनेस, मानसिक मजबूती और खेल पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। भारतीय टीम पूरी तैयारी के साथ विश्व कप में उतरकर एक बार फिर देश को गौरवान्वित करने की कोशिश करेगी।
