रीस जेम्स को घाना के खिलाफ ग्रुप चरण के दूसरे मुकाबले के दौरान चोट लगी थी। वह मुकाबला गोलरहित ड्रॉ पर समाप्त हुआ था और उसी के बाद से जेम्स टीम से बाहर चल रहे हैं। चोट के कारण वह मेक्सिको के खिलाफ खेले गए प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भी मैदान पर नहीं उतर सके थे। इंग्लैंड ने उस रोमांचक मुकाबले में मेक्सिको को 3-2 से हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई थी लेकिन अब टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने प्रमुख डिफेंडर की उपलब्धता को लेकर है।
इंग्लैंड के लिए मुश्किलें केवल रीस जेम्स तक सीमित नहीं हैं। मेक्सिको के खिलाफ मुकाबले में युवा डिफेंडर जेरेल क्वांसाह को रेड कार्ड मिला था जिसके कारण वह नॉर्वे के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में नहीं खेल पाएंगे। ऐसे में राइट बैक और डिफेंस की अन्य पोजीशन पर टीम के विकल्प काफी सीमित हो गए हैं। यही वजह है कि कोच थॉमस ट्यूशेल के लिए अंतिम एकादश का चयन आसान नहीं रहने वाला।
मेक्सिको पर शानदार जीत के बाद खिलाड़ियों को रिकवरी का समय दिया गया था। इसके बाद अधिकांश खिलाड़ी स्वोप सॉकर विलेज में अभ्यास के लिए लौटे लेकिन रीस जेम्स के अलावा मार्क गुएही और डेक्लान राइस ने भी टीम के साथ नियमित ट्रेनिंग में हिस्सा नहीं लिया। हालांकि टीम प्रबंधन का कहना है कि इन खिलाड़ियों के लिए अलग फिटनेस कार्यक्रम तैयार किया गया है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मिडफील्डर डेक्लान राइस ने संकेत दिया है कि मामूली परेशानी के बावजूद वह क्वार्टर फाइनल मुकाबले के लिए उपलब्ध रहेंगे। वहीं मार्क गुएही की अनुपस्थिति को केवल मांसपेशियों की थकान से जोड़ा गया है और उनके समय पर फिट होने की उम्मीद जताई जा रही है।
इसी बीच अनुभवी मिडफील्डर जॉर्डन हेंडरसन को लेकर राहत की खबर सामने आई है। मेक्सिको के खिलाफ जीत का जश्न मनाने के दौरान उनकी कलाई में गंभीर चोट लग गई थी जिसके बाद उनकी सर्जरी करानी पड़ी। सफल ऑपरेशन के बाद वह फिर से टीम के साथ जुड़ गए हैं और फिलहाल होटल में आराम कर रहे हैं। टीम प्रबंधन के अनुसार उनकी हालत स्थिर है और वह खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए कैंप में मौजूद हैं।
इंग्लैंड के पास क्वार्टर फाइनल मुकाबले से पहले केवल दो दिन का अभ्यास समय बचा है। इस दौरान टीम प्रबंधन की सबसे बड़ी कोशिश रीस जेम्स को पूरी तरह फिट करने की होगी। यदि वह उपलब्ध नहीं होते हैं तो इंग्लैंड को अपनी रक्षात्मक रणनीति में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं। नॉर्वे के खिलाफ मुकाबला जीतने वाली टीम सेमीफाइनल में अर्जेंटीना और स्विट्जरलैंड के बीच होने वाले विजेता से भिड़ेगी। ऐसे में इंग्लैंड किसी भी कीमत पर अपनी तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता।
