मनीष ने कहा कि वह हर मैच में “पैड पहनकर” तैयार रहते थे, क्योंकि उन्हें भरोसा था कि किसी भी समय टीम उन्हें खेलने का मौका दे सकती है। आखिरकार जब मौका मिला, तो उन्होंने उसे पूरी तरह भुनाया।
नंबर-3 पर उतरकर खेली मैच जिताऊ पारी
मुंबई इंडियंस के खिलाफ अहम मुकाबले में मनीष पांडे को नंबर-3 पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। उन्होंने इस मौके को शानदार तरीके से इस्तेमाल करते हुए 33 गेंदों में 45 रनों की अहम पारी खेली। इस दौरान उन्होंने कप्तान Ajinkya Rahane और Rovman Powell के साथ मजबूत साझेदारियां कीं। रहाणे के साथ 38 रन और पॉवेल के साथ 64 रनों की साझेदारी ने केकेआर की जीत की नींव रख दी।
“छोटी साझेदारियां ही मैच जिताती हैं” – पांडे
मैच के बाद बातचीत में मनीष ने बताया कि टीम मैनेजमेंट और कोच का प्लान साफ था छोटी लेकिन मजबूत साझेदारियां बनानी हैं। उन्होंने कहा कि कप्तान रहाणे लगातार उन्हें विकेट पर टिककर खेलने और गेंद को करीब से देखने की सलाह देते रहे। मनीष के मुताबिक, यही रणनीति टीम के लिए निर्णायक साबित हुई और आखिरी ओवरों में जीत लगभग आसान हो गई।
तैयारी और प्रोसेस पर भरोसा
मनीष पांडे ने अपनी सफलता का श्रेय लगातार तैयारी और प्रोसेस पर भरोसे को दिया। उन्होंने कहा कि घरेलू सीजन के बाद वह लगातार फिटनेस और नेट प्रैक्टिस पर काम कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में मौका कभी भी मिल सकता है, इसलिए हर खिलाड़ी को हमेशा तैयार रहना चाहिए।
केकेआर की जीत और प्लेऑफ उम्मीदें जिंदा
मुंबई इंडियंस को हराकर Mumbai Indians को केकेआर ने 4 विकेट से मात दी और प्लेऑफ की दौड़ में अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा। इस जीत में मनीष पांडे की पारी सबसे अहम साबित हुई, जिसने दबाव वाले मैच में टीम को स्थिरता दी और जीत की राह आसान बनाई।
मनीष पांडे का यह प्रदर्शन साबित करता है कि अवसर का सही इस्तेमाल ही बड़े खिलाड़ियों की पहचान होता है। इंतजार से लेकर मैच विनिंग पारी तक का उनका सफर केकेआर के लिए इस सीजन की सबसे बड़ी सकारात्मक कहानियों में से एक बन गया है।
