मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार OpenAI का पहला डिवाइस आकार में छोटा डोनट या हॉकी पक जैसा हो सकता है। इसका डिजाइन ऐसा रखा जा सकता है कि यूजर इसे घर के किसी भी हिस्से में आसानी से रख सके या जरूरत के अनुसार दूसरी जगह ले जा सके। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कंपनी इसे वर्ष 2027 तक बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है। संभावित कीमत करीब 300 से 400 डॉलर के बीच बताई जा रही है जो भारतीय मुद्रा में लगभग 25 से 35 हजार रुपये के आसपास हो सकती है। हालांकि कीमत और लॉन्च की आधिकारिक जानकारी कंपनी की ओर से सामने नहीं आई है।
इस डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत इसका स्क्रीनलेस डिजाइन माना जा रहा है। आज स्मार्टफोन और स्मार्ट स्पीकर जैसे डिवाइस में यूजर को कई कामों के लिए स्क्रीन पर निर्भर रहना पड़ता है लेकिन OpenAI का यह डिवाइस बातचीत के जरिए काम करने पर ज्यादा जोर दे सकता है। इसमें माइक्रोफोन स्पीकर कैमरा और आसपास के वातावरण को समझने वाले सेंसर दिए जाने की संभावना है। इन तकनीकों की मदद से डिवाइस यूजर की आवाज को समझकर AI के जरिए जवाब दे सकेगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक डिवाइस में लाइटिंग एलिमेंट्स और कुछ मूविंग मैकेनिकल पार्ट्स भी हो सकते हैं। इनकी मदद से यूजर को यह संकेत मिल सकता है कि डिवाइस कब उनकी बात सुन रहा है और कब जवाब तैयार कर रहा है। इस तरह कंपनी एक ऐसा अनुभव देने की कोशिश कर सकती है जो मौजूदा स्मार्ट स्पीकर से ज्यादा प्राकृतिक और इंटरैक्टिव हो।
OpenAI के इस डिवाइस में कंपनी की conversational AI तकनीक का इस्तेमाल होने की उम्मीद है। यूजर इससे सवाल पूछ सकता है जानकारी हासिल कर सकता है और कई रोजमर्रा के कामों में AI की सहायता ले सकता है। इसके अलावा स्मार्ट होम डिवाइस को नियंत्रित करने मीडिया चलाने और दूसरे AI आधारित कार्यों में भी इसका इस्तेमाल संभव हो सकता है। इसका सीधा फायदा यह हो सकता है कि हर छोटे काम के लिए फोन निकालकर स्क्रीन देखने की जरूरत कम हो जाए।
एक और दिलचस्प संभावना यह है कि डिवाइस समय के साथ अपने मालिक की पसंद और आदतों को समझने में सक्षम हो सकता है। इससे बातचीत अधिक व्यक्तिगत हो सकती है। हालांकि कैमरा और सेंसर से जुड़ी ऐसी तकनीक के साथ प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा भी महत्वपूर्ण मुद्दे होंगे।
OpenAI के हार्डवेयर प्रोजेक्ट को लेकर Apple के साथ कानूनी विवाद की खबरें भी सामने आई हैं। Apple ने हार्डवेयर से जुड़े ट्रेड सीक्रेट्स के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया है जबकि OpenAI इन आरोपों से इनकार कर चुकी है। कंपनी का कहना है कि उसका हार्डवेयर प्रोडक्ट अलग दिशा में तैयार किया जा रहा है।
कुल मिलाकर OpenAI का पहला डिवाइस कंपनी की हार्डवेयर रणनीति की शुरुआत हो सकता है। अगर यह योजना सफल रहती है तो AI का इस्तेमाल स्मार्टफोन की स्क्रीन से आगे बढ़कर ऐसे डिवाइस में दिखाई दे सकता है जिनसे बातचीत करना ज्यादा आसान और प्राकृतिक हो। आने वाले समय में AI वियरेबल स्मार्ट ग्लास और दूसरे स्मार्ट डिवाइस के साथ यह तकनीक एक नए तरह के डिजिटल अनुभव की शुरुआत कर सकती है।
