नई दिल्ली। नई नीति के बाद X (Twitter) पर बिना ब्लू टिक वाले यूजर्स के लिए पोस्टिंग लिमिट लागू होने से सोशल मीडिया यूजर्स के बीच हलचल बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब बिना वेरिफिकेशन अकाउंट एक दिन में केवल तय संख्या में ही पोस्ट और रिप्लाई कर सकेंगे, जिससे लगातार एक्टिव रहने वाले यूजर्स प्रभावित हो सकते हैं। प्लेटफॉर्म का कहना है कि यह कदम स्पैम और बॉट गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया है, जबकि आलोचक इसे पेड सब्सक्रिप्शन की ओर धकेलने की रणनीति बता रहे हैं।
नई व्यवस्था के बाद लिमिट पार करते ही यूजर को एरर मैसेज दिखाई देगा और आगे पोस्ट करने पर रोक लग सकती है। इस बदलाव ने ब्लू टिक को सिर्फ पहचान का नहीं बल्कि जरूरी फीचर का हिस्सा बना दिया है, जिससे X पर फ्री यूजर्स की आजादी सीमित होती नजर आ रही है।
X (Twitter) पर अब बिना ब्लू टिक वाले यूज़र्स के लिए नई पोस्टिंग लिमिट लागू होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अनवेरिफाइड अकाउंट्स अब एक दिन में सीमित संख्या में ही पोस्ट और रिप्लाई कर पाएंगे, जिससे एक्टिव यूज़र्स और लाइव अपडेट देने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। प्लेटफॉर्म की तरफ से इस बदलाव को स्पैम और बॉट एक्टिविटी पर रोक लगाने का कदम बताया जा रहा है, लेकिन यूज़र्स का एक बड़ा वर्ग इसे फ्री एक्सप्रेशन पर रोक मान रहा है।
नई व्यवस्था के तहत जैसे ही यूजर तय लिमिट पार करेगा, उसे पोस्ट करने से रोक दिया जाएगा और स्क्रीन पर एरर मैसेज दिखाई देगा। इससे लगातार कंटेंट शेयर करने वाले यूज़र्स को अपनी गतिविधि सीमित करनी पड़ेगी या फिर प्रीमियम सब्सक्रिप्शन की ओर जाना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव X के बिजनेस मॉडल को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है, जहां ब्लू टिक और प्रीमियम सर्विसेज को बढ़ावा दिया जा रहा है। दूसरी तरफ, आलोचकों का कहना है कि इससे प्लेटफॉर्म की ओपन बातचीत और रियल-टाइम अपडेट की पहचान कमजोर हो सकती है।