दरअसल, स्विस लग्जरी वॉच ब्रांड Audemars Piguet और पॉपुलर वॉच कंपनी Swatch ने मिलकर एक खास कलेक्शन लॉन्च किया, जिसमें ऑडेमार्स पिगे के हाई-एंड डिजाइन को किफायती कीमत में पेश किया गया। इसी वजह से इसे खरीदने के लिए दुनिया भर में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
कंपनी ने इस वॉच की बिक्री सिर्फ चुनिंदा स्टोर्स तक सीमित रखी और ऑनलाइन सेल नहीं की, जिससे “पहले आओ पहले पाओ” की स्थिति बन गई। इसी रणनीति ने लोगों के बीच हाइप और बढ़ा दी और लॉन्च के दिन स्टोर्स के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग गईं।
भारत में भी दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में लोग रातभर स्टोर्स के बाहर खड़े रहे। कई जगहों पर भीड़ इतनी बढ़ गई कि बैरिकेडिंग टूट गई और स्टोर स्टाफ को स्थिति संभालनी मुश्किल हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग स्टोर्स में घुसने की कोशिश करते नजर आए।
दुबई और यूरोप के कई शहरों में भी हालात बिगड़ गए। फ्रांस में तो भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस तक का इस्तेमाल करना पड़ा, जबकि लंदन और न्यूयॉर्क में भी भीड़ के चलते कुछ स्टोर्स को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।
इस घड़ी की सबसे बड़ी खासियत इसका “लक्जरी ब्रांड” कनेक्शन माना जा रहा है। आम तौर पर ऑडेमार्स पिगे की घड़ियां बेहद महंगी होती हैं, लेकिन इस किफायती वर्जन ने लोगों को पहली बार उस ब्रांड का हिस्सा बनने का मौका दिया, जिससे इसका क्रेज और बढ़ गया।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस दीवानगी के पीछे सोशल मीडिया भी बड़ा कारण है, जहां भीड़ और लाइन के वीडियो वायरल होते ही और ज्यादा लोग इसे खरीदने के लिए स्टोर्स की ओर दौड़ पड़े।
इसके अलावा रिसेल मार्केट भी एक बड़ा कारण बताया जा रहा है, क्योंकि लॉन्च के तुरंत बाद ही यह घड़ी कई जगहों पर ज्यादा कीमत में बिकने लगी, जिससे इसे खरीदने वालों में मुनाफे की उम्मीद भी बढ़ गई।
