विशेषज्ञों के अनुसार जीपीएस केवल लोकेशन ही नहीं बल्कि अत्यंत सटीक समय की जानकारी भी उपलब्ध कराता है। यही समय संकेत बिजली ग्रिड मोबाइल टावर इंटरनेट नेटवर्क डिजिटल पेमेंट सिस्टम और वित्तीय लेनदेन को सही तरीके से संचालित करने में मदद करते हैं। यदि यह सिस्टम लंबे समय तक बंद रहता है तो कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं और सामान्य जनजीवन अस्तव्यस्त हो सकता है।
जीपीएस बंद होने का सबसे पहला असर आम लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियों पर दिखाई देगा। मोबाइल मैप सही दिशा नहीं दिखा पाएंगे। ऑनलाइन टैक्सी सेवाएं यात्रियों तक समय पर नहीं पहुंच सकेंगी। फूड और ई कॉमर्स डिलीवरी प्रभावित होगी। नए शहरों में यात्रा करना मुश्किल हो जाएगा और सड़क परिवहन व्यवस्था भी बाधित हो सकती है। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन पर भी बड़ा असर पड़ेगा जिससे व्यापार और उद्योग प्रभावित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हवाई और समुद्री परिवहन के लिए जीपीएस बेहद महत्वपूर्ण तकनीक है। यदि विमान या जहाज को गलत लोकेशन मिलने लगे या सिग्नल पूरी तरह बंद हो जाए तो दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। समुद्र में चलने वाले जहाज गलत दिशा में जा सकते हैं या उथले क्षेत्रों में फंस सकते हैं। इसी तरह विमानन क्षेत्र में भी सुरक्षा संबंधी गंभीर चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
आज के समय में जीपीएस के सामने जामिंग और स्पूफिंग जैसी नई चुनौतियां भी तेजी से बढ़ रही हैं। जीपीएस जामिंग में सिग्नल को जानबूझकर बाधित किया जाता है जिससे डिवाइस सही लोकेशन प्राप्त नहीं कर पाता। वहीं स्पूफिंग में नकली सिग्नल भेजकर किसी वाहन या डिवाइस को गलत स्थान की जानकारी दी जाती है। यह तकनीक सुरक्षा के लिहाज से अधिक खतरनाक मानी जाती है क्योंकि इससे विमान जहाज या अन्य वाहन गलत दिशा में पहुंच सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि जीपीएस एक दिन के लिए भी पूरी तरह बंद हो जाए तो केवल अमेरिका को ही अरबों डॉलर का आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसका प्रभाव वैश्विक व्यापार वित्तीय लेनदेन परिवहन और आपूर्ति व्यवस्था पर भी पड़ेगा।
इसी वजह से अब दुनिया के कई देश जीपीएस के विकल्प विकसित करने पर काम कर रहे हैं। नई सैटेलाइट तकनीक मल्टी सोर्स पोजिशनिंग और एडवांस नेविगेशन सिस्टम जैसे बैकअप समाधान तैयार किए जा रहे हैं ताकि भविष्य में किसी आपात स्थिति के दौरान आवश्यक सेवाएं बिना रुकावट जारी रह सकें।
स्पष्ट है कि जीपीएस केवल दिशा बताने वाला सिस्टम नहीं बल्कि आधुनिक दुनिया की आधारभूत तकनीकों में से एक है। इसकी सुरक्षा और वैकल्पिक व्यवस्था विकसित करना भविष्य की सबसे बड़ी तकनीकी जरूरतों में शामिल हो चुका है।
