रिपोर्ट के अनुसार पिछले वित्तीय वर्ष में ऐप्पल की भारत में बिक्री लगभग 9 बिलियन डॉलर थी लेकिन सिर्फ एक साल के भीतर इसमें उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई और कंपनी ने नया रिकॉर्ड कायम कर लिया। हालांकि कंपनी ने अभी तक इस उपलब्धि पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है लेकिन बाजार विशेषज्ञ इसे भारत में बढ़ती क्रय क्षमता और प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट की मजबूत मांग का परिणाम मान रहे हैं।
इस शानदार प्रदर्शन के पीछे सबसे बड़ी भूमिका आईफोन की रही है। ऐप्पल की कुल बिक्री में सबसे अधिक योगदान आईफोन का है जबकि आईपैड मैकबुक और अन्य डिवाइसों की बिक्री में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कंपनी ने ट्रेड इन प्रोग्राम स्टूडेंट डिस्काउंट बैंक ऑफर और आसान फाइनेंसिंग जैसी योजनाओं के जरिए महंगे आईफोन को अधिक से अधिक ग्राहकों तक पहुंचाने में सफलता हासिल की है। इन ऑफर्स ने ग्राहकों के लिए नए आईफोन खरीदना पहले की तुलना में आसान बना दिया है।
भारत अब केवल ऐप्पल के लिए बड़ा बाजार ही नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग हब भी बन चुका है। देश में मौजूद पांच बड़े प्लांट कंपनी के लिए आईफोन का उत्पादन कर रहे हैं जबकि करीब 40 छोटे और बड़े सप्लायर भी सप्लाई चेन का हिस्सा हैं। हाल के वर्षों में ऐप्पल ने चीन पर अपनी निर्भरता कम करने की रणनीति अपनाई है और इसी वजह से भारत में उत्पादन क्षमता का तेजी से विस्तार किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार अब दुनिया में बनने वाले हर चार आईफोन में से एक भारत में तैयार हो रहा है जो देश की बढ़ती औद्योगिक क्षमता का बड़ा प्रमाण है।
भारत में कंपनी अपने रिटेल नेटवर्क का भी तेजी से विस्तार कर रही है। देश में अब ऐप्पल के छह आधिकारिक रिटेल स्टोर संचालित हो रहे हैं और इनके अलावा कई प्रीमियम रिसेलर भी ग्राहकों को सेवाएं दे रहे हैं। कंपनी का लक्ष्य आने वाले वर्षों में भारत के प्रमुख शहरों में अपनी मौजूदगी और मजबूत करना है ताकि ग्राहकों को बेहतर खरीदारी अनुभव मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में कई एंड्रॉयड कंपनियों द्वारा अपने स्मार्टफोन की कीमतें बढ़ाने और नए आईफोन मॉडल महंगे होने की आशंका ने भी बिक्री को गति दी है। संभावित मूल्य वृद्धि से पहले बड़ी संख्या में ग्राहकों ने आईफोन खरीदना पसंद किया जिससे बिक्री में तेज उछाल देखने को मिला।
कुल मिलाकर भारत में ऐप्पल की रिकॉर्ड बिक्री यह साबित करती है कि देश अब कंपनी के लिए केवल एक उभरता हुआ बाजार नहीं बल्कि भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक ताकत बन चुका है। मजबूत मांग स्थानीय उत्पादन और बढ़ते रिटेल नेटवर्क के दम पर आने वाले वर्षों में ऐप्पल भारत में और भी बड़े रिकॉर्ड बना सकता है।
